फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rajasthan: कर्ज चुकाने के लिए किसानों को मिला दो महीने का समय, मनरेगा में 25 दिन का अतिरिक्त रोजगार

Sat, 07 May 2022 10:00 PM IST
उदित दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

सरकार ने सहकारी बैंकों से लिए गए अल्पकालीन ब्याजमुक्त फसली ऋणों को जमा करवाने की अंतिम तारीख 30 जून कर दी है। साथ ही मनरेगा में 100 दिन काम करने वाले परिवारों को 25 दिन का अतिरिक्त रोजगार दिया जा रहा है।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री गहलोत ने ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा की। - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राजस्थान सरकार ने शनिवार को दो बड़े फैसले लिए। पहला फैसला प्रदेश के किसानों और दूसरा मनरेगा योजना में काम करने वाले श्रमिकों से जुड़ा है। दरअसल, सरकार ने सहकारी बैंकों से लिए गए अल्पकालीन ब्याजमुक्त फसली ऋणों को जमा करवाने की अंतिम तारीख 30 जून कर दी है। इससे किसानों को ब्याजमुक्त ऋण भुगतान के लिए दो महीने का अतिरिक्त समय मिल सकेगा। साथ ही उन्हें कोई ब्याज भी नहीं देना होगा। ऋण चुकाने पर ये किसान कर्ज लेने के लिए भी पात्र हो सकेंगे। 

विज्ञापन


इधर, मनरेगा में 100 दिन काम करने वाले परिवारों को 25 दिन का अतिरिक्त रोजगार दिया जाएगा। इसके आदेश भी जारी हो चुके हैं। शनिवार को मुख्यमंत्री गहलोत ने ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों की तुलना में प्रदेश में महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में श्रमिक दर तेजी से बढ़ी है। मनरेगा में अनुमोदित श्रम बजट, 100 दिवस पूर्ण करने वाले परिवारों की संख्या, मानव दिवसों के सृजन और नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम में राज्य देशभर में पहले स्थान पर है।

उन्होंने कहा कि मनरेगा में 100 दिवस पूर्ण करने वाले परिवारों को सरकार की ओर से 25 दिवस का अतिरिक्त रोजगार दिया जा रहा है।  भीषण गर्मी को देखते हुए मनरेगा कर्मियों के लिए कार्यस्थल पर पीने के पानी, छाया, क्रेच, मेडिकल किट, साबुन-सेनेटाइजर आदि की व्यवस्था करवाई गई है।
विज्ञापन


सीएम गहलोत ने कहा कि गांवों के लिए मास्टर प्लान बनाकर उन्हें शहरों की तर्ज पर विकसित करने की योजना तैयार की जा रही है। इसके तहत डांग, मेवात और मगरा क्षेत्र विकास बोर्ड की राशि को बढ़ाकर 25 करोड़ कर दी गई है। गांवों में इंटरलॉक सड़कें, ड्रेनेज सिस्टम, उद्यान, पुस्तकालय और अन्य सामुदायिक सुविधाओं का विकास भी किया जाएगा। 

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें