अलवर मंदिर विध्वंस मामले की रिपोर्टिंग को लेकर दर्ज केस में एक पत्रकार की गिरफ्तारी पर राजस्थान हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। अब पुलिस पत्रकार को गिरफ्तार नहीं कर सकती। पुलिस ने पत्रकार के खिलाफ हिंसा भड़काने और देशद्रोह के आरोप में केस दर्ज किया था।
जानकारी के अनुसार मीडिया संस्थान के एक एंकर ने अलवर में तोड़े गए मंदिरों को लेकर एक शो का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने हाल ही में दिल्ली के जहांगीरपुरी में भड़की हिंसा के बाद अतिक्रमण पर चले बुलडोजर की कार्रवाई को दिखाया। साथ ही सवाल उठाया कि क्या अलवर में तोड़े गए मंदिर जहांगीरपुरी की कार्रवाई का प्रतिशोध था। इसके बाद सोशल मीडिया पर पत्रकार का विरोध किया गया। साथ ही प्रदेश के पुलिस अधिकारियों से उनकी गिरफ्तारी की मांग की गई।
इसके बाद पत्रकार के खिलाफ बूंदी और डूंगरपुर के बिछीवाड़ा थाने में केस दर्ज किया गया। एफआईआर में उनके ऊपर प्रदेश में सांप्रदायिक नफरत भड़काने के साथ देशद्रोह जैसे गंभीर के आरोप लगाए गए। इसके बाद से पत्रकार पर गिरफ्तारी के तलवार लटक रही थी, लेकिन शनिवार को हाईकोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी।