पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे रविवार को कोटा-बूंदी जिले की की सीमा पर स्थित शंभूपुरा में आयोजित भाजपा की महारैली में शामिल हुई। इस महारैली का आयोजन कोटा उत्तर से पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल ने किया था। जिसमें हजारों भाजपा कार्यकर्ताओं और लोगों भाग लिया।
महारैली में अपने संबोधित की शुरुआत वसुंधरा राजे ने आओ फिर से दिया जलाएं... कविता की। राजे ने कहा कि मोदी सरकार ने 9 साल पूरे किए है। ये नौ साल देश का सौभाग्य है। आज दुनिया भर में भारत का डंका बज रहा है। एक जमाना था कि लोग हमारे देश की तरफ आंख उठा कर देखते थे, आज किसी की इतनी हिम्मत नहीं है, सब आंख झुका कर बात करते हैं। केंद्र की योजनाएं लोगों को फायदा दे रही हैं। आज दूसरे देश भी भारत की तरफ देख रहे हैं।
राजे ने कहा कि कांग्रेस के शासन में विकास तो हुआ पर राजस्थान का नहीं कांग्रेस का। विकास तो हुआ पर भ्रष्टाचार, महिला-दलितों पर अत्याचार और बेरोजगारी का। पूरा प्रदेश इस कांग्रेस सरकार से छुटकारा पाना चाह रहा है। कब चुनाव हो और कब इससे निजात पायें। उन्होंने कहा कि गहलोत सरकार अधिकांश कागजों, बयानों, निर्देशों, आपसी झगड़ों और होटलों में ही दिखाई दी है।
इस सरकार ने दो बड़े काम किए हैं, हमारी योजनाओं को बंद कर दिया या फिर उनका नाम बदल दिया। हमने देश में पहली बार भामाशाह योजना शुरू कर महिलाओं को परिवार का मुखिया बनाया था, उनके बैंक में खाते खुलवाये। जिससे सरकारी योजनाओं का पैसा उनके खाते में जमा होने लगा। इससे महिलाओं का सम्मान बढ़ा, लेकिन सरकार ने इस योजना को बंद कर दिया।
राजे ने सुनाई अटलजी की कविता...
अपने संबोधन की शुरुआत वसुंधरा राजे ने अटलजी की कविता से की
आओ फिर से दिया जलाएं, भरी दुपहरी में अंधियारा,
सुरज परछाई से हारा, अंतर तम का नेह निचोड़ें,
बुझी हुई बाती सुलगाएं, आओ फिर से दिया जलाएं।
आओ फिर से कमल खिलाएं…
इसके बाद उन्होंने कहा कि अटलजी की इस कविता में एक लाइन मैंने जोड़ी है- आओ फिर से कमल खिलाएं। क्योंकि अब कमल खिलाने का वक्त आ गया है।