एक बार फिर राजस्थान मॉडल कोरोना वायरस से निपटने के लिए देश के सामने नजीर साबित हो सकता है। 26 अगस्त को प्रदेश में पहली बार ऐसा मौका आया है जब देश के सभी राज्यों में सबसे कम कोरोना मरीज राजस्थान में आए। बीते 24 घंटे में प्रदेश में सिर्फ तीन नए मामले सामने आए हैं। यानी डेढ़ साल में यह पहला मौका है कि एक दिन में इतने कम मरीज मिले हो और सबसे बड़ी बात किसी भी मरीज की कोरोना से मौत नहीं हुई। गौर करने वाली बात है कि अगस्त में अब तक कोरोना से एक भी जान नहीं गई।
दरअसल, प्रदेश में कुल 30905 सैंपल लिए गए। इनमें सिर्फ तीन कोरोना मरीज मिले। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है, इनमें दो पुरुष और एक महिला शामिल है। डॉक्टरों ने बताया कि मरीजों की स्थिति सामान्य है। कोरोना संक्रमण कम होने के साथ ही पॉजिटिवि दर में भी गिरावट आई है। पहली बार 0.009% रही जो अब तक की सबसे कम है।
केरल और महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण के बढ़ रहे मामले
वहीं, देशभर में कोरोना संक्रमण के दैनिक मामले फिर से बढ़ने लगे हैं। एक दिन में कोरोना के 40 हजार से ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। खासकर केरल, महाराष्ट्र और असम में कोरोना के मामलों में तेजी से इजाफा हुआ है। यहां पर डेल्टा प्लस वैरिएंट खतरनाक बनता जा रहा है। केरल में संक्रमण का रिकॉर्ड फिर से टूटने लगा है। केरल में एक दिन में 20 हजार से ज्यादा नए मामले सामने आ रहे हैं। इससे कोरोना की तीसरी लहर की आशंका बढ़ गई है।
राजस्थान में 1 करोड़ से ज्यादा आबादी को दोनों डोज
प्रदेश में कोरोना कोरोना वैक्सीन की रफ्तार तेज है। दूसरी डोज लगाने वालों का आंकड़ा गुरुवार (27 अगस्त) को एक करोड़ के पार चला गया। अब तक 1,00,89,107 लोगों को दोनों डोज लग चुकी है। प्रदेश में कुल 4.15 करोड़ आबादी को डोज लग चुकी है, इसमें से पहली डोज 3.14 करोड़ लगी हैं। यानी 60% से अधिक आबादी को कम से कम एक डोज लग चुकी है।