हनुमानगढ़ की जिला कोर्ट ने नशीले कैप्सूल और नशीली कफ सिरप के मामले में फैसला सुनाते हुए दोशी युवक को 10 साल की जेल की सजा सुनाई है। साथ ही कोर्ट ने आरोपी पर दो लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। मामले में राज्य सरकार की ओर से पैरवी विशिष्ट लोक अभियोजक दिनेश दाधीच ने की।
विशिष्ट लोक अभियोजक दिनेश दाधीच ने बताया कि 23 दिसंबर 2017 को टाउन थाना पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान विष्णु बिश्नोई पुत्र संत कुमार निवासी चक 4 केएसपी पीएस टिब्बी को बिना नंबर की बाइक पर जाते हुए रोका। इस दौरान उसकी तलाशी में पुलिस को परवोन स्पास के नशीले कैप्सूल और कप सिरप की शीशियां मिली।
आरोपी के पास तीन डिब्बों में 60 पत्तों में कुल 600 कैप्सूल के अलावा 100 शीशियां कोडीन फॉस्फेट की थी। विष्णु बिश्नोई के खिलाफ टाउन पुलिस थाना में धारा 8/21, 25 एनडीपीएस एक्ट और धारा 18 (सी) 27 (बी) ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट के तहत के दर्ज किया। विष्णु बिश्नोई के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया गया। जिसके बाद अभियोजन पक्ष की ओर से 12 गवाह पेश किए गए।
दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद गुरुवार को कोर्ट ने आरोपी को अवैध रूप से नशीली दवाइयां बिना लाइसेंस के अपने कब्जे में रखने पर एनडीपीएस एक्ट का दोषी करार पाया। विशिष्ट लोक अभियोजक दिनेश दाधीच ने समाज में बढ़ते हुए अपराध को नजर रखते हुए दोषी को अधिकतम दंड से दंडित करने का निवेदन किया। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद कोर्ट ने आरोपी विष्णु बिश्नोई को 10 साल की जेल की सजा सुनाई और दो लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है।