राजस्थान के बाड़मेर जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है जहां झोलाछाप डॉक्टर ने एक महिला मरीज को बेहोशी का इंजेक्शन लगाकर उसके गहने लूट लिए। होश में आने के बाद जब महिला गहने लेने के लिए डॉक्टर के पास पहुंची तो डॉक्टर ने गहने देने से इनकार कर दिया। इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई है और डॉक्टर का क्लीनिक भी सीज कर लिया गया है।
जानिए क्या है मामला
दरअसल एक महिला अपने बच्चे के साथ झोलाछाप डॉक्टर के पास इलाज करवाने पहुंची। अन्य लोगों की तरह वह भी इलाज करवाने के लिए कतार में खड़ी थी, फिर जब उसकी बारी आई तो डॉक्टर ने उसे अकेले अंदर कैबिन में आने को कहा। फिर डॉक्टर ने एडमिट करने के बहाने पहले ड्रिप चढ़ाई और इंजेक्शन लगा दिया फिर इलाज में जेवरात के चलते परेशानी की बात कहकर महिला से गहने उतरवा लिए। उसके बाद डॉक्टर ने उसे बेहोशी का इंजेक्शन लगा दिया, जिससे महिला कुछ ही मिनट में बेहोश हो गई। पांच घंटे के बाद डॉक्टर ने उसके बेटे को बुलाकर बेहोशी की हालत में ही घर जाने को कह दिया जिससे उसे अपने गहने की सूध नहीं रही।
वहीं घर पहुंचने के बाद जब पीड़िता को होश आया तो गले में गहने न देख हैरान रह गई और उल्टे पांव डॉक्टर के पास भागी। फिर गहने के लिए मिन्नतें करने लगी लेकिन झोलाछाप डॉक्टर ने गहने देने से इनकार कर दिया। पुलिस अधिकारी के अनुसार इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई है और जांच जारी है।