सैंपऊ कस्बे के शिव मंदिर पर आयोजित मेले में पार्किंग व्यवस्था को लेकर खातेदारी की जमीन का उपयोग करने के विरोध में एक महिला SDM की गाड़ी के आगे लेट गई। महिला का आरोप था कि मेले की पार्किंग ग्राम पंचायत एवं ठेकेदार द्वारा उसकी खातेदारी की जमीन में लगाई जा रही है। इसका विरोध जताने पर पुलिस उसके पति को थाने उठा लाई है। पति को छुड़ाने के लिए महिला पीछे-पीछे थाने चली आई और पुलिस थाने के सामने से गुजर रही एसडीएम की गाड़ी के आगे लेट गई।
एसडीएम की गाड़ी के आगे महिला के लेटने पर पुलिस में हड़कंप मच गया। इस दौरान पुलिस कर्मियों के द्वारा महिला को समझाया बुझाया गया, लेकिन काफी देर तक महिला एसडीएम की गाड़ी के आगे लेटी रही। मजबूरन एसडीएम को काफी देर बाद गाड़ी से उतरकर दूसरी गाड़ी से जाना पड़ा।महिला ओमवती कुशवाह ने बताया कि पार्वती नदी से पहले बायपास सर्किल के पास उसकी खातेदारी की जमीन है। जिसमें ग्राम पंचायत के द्वारा कई दिनों से जेसीबी चलाकर वाहन पार्किंग की व्यवस्था की जा रही है। जिसकी शिकायत महिला और उसके पति के द्वारा स्थानीय तहसीलदार, एसडीएम को की गई।
शिकायत की सुनवाई नहीं होने पर बुधवार को महिला और उसका पति जिला मुख्यालय पर जिला कलेक्टर को भी शिकायत देकर आए थे। गुरुवार शाम एक बार फिर पार्किंग व्यवस्था को लेकर विवाद खड़ा हो गया। महिला के पति के द्वारा ग्राम पंचायत द्वारा उसके खातेदारी की जमीन को पार्किंग स्थल बनाए जाने का विरोध करते हुए बताया कि ग्राम पंचायत प्रशासन के द्वारा मेले में उसकी दुकान के लिए जमीन नहीं दी गई है, जबकि उसकी खातेदारी की जमीन में जबरन पार्किंग बनाई जा रही है। महिला ने बताया कि मेला आयोजन के समय पूर्व में पार्किंग के लिए किराए पर जमीन ली जाती थी, लेकिन इस बार बिना सहमति के जबरदस्ती पार्किंग के लिए उसकी जमीन का उपयोग किया जा रहा है।
मामले को लेकर थाना प्रभारी गंभीर सिंह ने बताया कि वह मेले में थे तब उनको थाने के आगे एसडीएम की गाड़ी के आगे महिला के लेटने और हंगामा मचाने की सूचना मिली। मौंके पर पहुंचकर महिला को गाड़ी के आगे से हटाया और समस्या पूंछी तो पता चला कि महिला का पति मेले में चरखी लगता था, जिसे इस बार चरखी लगाने को पंचायत ने जमीन नही दी है। इसी बात को लेकर महिला द्वारा थाने के सामने एसडीएम की गाड़ी के आगे उत्पात मचाया। उत्पात मचाने पर दंपति को शांति भंग में गिरफ्तार किया है। वही पार्किंग विवाद को लेकर पंचायत प्रशासन, पार्किंग ठेकेदार और दंपति के बीच समझौता करा दिया है।