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Dholpur: नाबालिग के साथ छेड़छाड़ और मारपीट के मामले में आरोपी को पांच साल की सजा, 51 हजार रुपये जुर्माना

Thu, 14 Sep 2023 09:55 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धौलपुर

सार

राजस्थान के धौलपुर जिले में एक नाबालिग के साथ छेड़छाड़ और मारपीट को लेकर मामला दर्ज हुआ था। मामले की पॉक्सो कोर्ट ने सुनवाई करते हुए एक आरोपी को पांच साल की सजा और 51 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है।
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संतोष मिश्रा, विशिष्ट लोक अभियोजक, पॉक्सो कोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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धौलपुर के विशेष न्यायालय पॉक्सो कोर्ट ने सरमथुरा पुलिस थाना पर दर्ज हुए 11 वर्षीय नाबालिग के साथ छेड़छाड़ और उसके परिजनों के साथ मारपीट के मामले में एक मुल्जिम को दोषी करार देते हुए उसे पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 51 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है।

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विशेष न्यायालय पॉक्सो कोर्ट के विशिष्ट लोक अभियोजक संतोष मिश्रा ने बताया कि धौलपुर के सरमथुरा पुलिस थाना पर एक परिवादी ने 18 नवंबर 2019 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें उसने बताया कि उसकी 11 वर्षीय नाबालिग पुत्री 13 नवंबर 2019 को शाम के वक्त बाजार से अपने घर आ रही थी। रास्ते में तीन लड़कों ने उसके साथ छेड़छाड़ और अश्लील हरकत की, नाबालिग लड़कों के चंगुल से छूटकर अपने घर में घुसने लगी तो एक लड़के ने नाबालिग का हाथ पकड़कर उसे खींच लिया।

नाबालिग के चिल्लाने पर घर में मौजूद उसकी मां और भाई उसे बचाने के लिए बाहर आए तो तीनों लड़कों ने मां और भाई की बेरहमी से मारपीट कर दी। हमले में मां और भाई गंभीर घायल हो गए। पुलिस ने मामला दर्जकर अनुसन्धान के दौरान दोनों लड़कों को बाल अपचारी मानकर उन्हें निरूद्ध कर प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट धौलपुर के समक्ष पेश किया। जबकि मुल्जिम कल्ला उर्फ़ कल्याण को पुलिस ने गिरफ्तार कर पॉक्सो न्यायालय में पेश किया। जो न्यायालय से जमानत पर चल रहा है।
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मामले में लोक अभियोजक मिश्रा ने कोर्ट में 22 गवाह पेश किए। प्रकरण में न्यायाधीश जमीर हुसैन ने दोनों पक्षों की बहस और लोक अभियोजक की दलील सुनने के बाद गुरुवार को मुल्जिम कल्ला उर्फ़ कल्याण को दोषी करार देते हुए पॉक्सो एक्ट की धारा सात और आठ आईपीसी की धारा-308 में पांच-पांच वर्ष का कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही बीस-बीस हजार रुपये का जुर्माना और आईपीसी की धारा-325 में तीन वर्ष और दस हजार जुर्माना, आईपीसी की धारा-323 में एक वर्ष और एक हजार जुर्माना के साथ आईपीसी की धारा-341 में एक महीने का कारावास की सजा सुनाई हैं, सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।

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