जयपुर की सड़कों पर फिर दिख सकता है ऐसा नजारा।
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राजस्थान में रीट पेपर लीक मामले को लेकर मचे घमासान के बाद सरकार ने रीट की लेवल-टू की परीक्षा रद्द कर दी है। इसके बाद भी भाजपा इस मामले की सीबीआई जांच कराने को लेकर अड़ी हुई है। नेताओं का कहना है कि जब तक पेपर लीक के दोषियों को सजा नहीं मिल जाती वो सरकार का विरोध करने से पीछे नहीं हटेगी। इसे लेकर कई नेताओं के बयान सामने आए हैं।
हम सड़कों पर आएंगे और संघर्ष करेंगे
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि रीट घोटाले को सतीश पूनिया के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ता आंदोलन कर जनता के सामने लाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने बेरोजगार युवाओं के साथ मिलीभगत कर इस तरह का काम किया है। इसे उजागर करने और सीबीआई जांच की मांग कर अपराधियों को सजा दिलाने दिलाने की जिम्मेदारी भाजपा ने उठाई है। उन्होंने कहा कि सरकार ने युवाओं के भविष्य के साथ बार-बार छल किया है। जब तक सीबीआई जांच नहीं होगी और ऊपर से लेकर नीचे तक के सभी दोषियों को सजा नहीं होगी, तब तक भाजपा कार्यकर्ता चुप नहीं बैठने वाला है। हम सड़कों पर आएंगे और संघर्ष करेंगे।
सरकार का विरोध जारी रखेंगे
उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि युवाओं के दबाव में सरकार ने पेपर रद्द कर दिया है, लेकिन पेपर लीक मामले में कैबिनेट सदस्यों के नाम भी जुड़े हैं। जब तक इन लोगों पर कार्रवाई नहीं होती है हम विरोध जारी रखेंगे। सरकार इस मामले की सीबीआई से जांच कराए। रीट पेपर लीक केस में शामिल लोगों का चेहरा सामने आना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरी दिलाने के लिए एक नया गिरोह शामिल हो गया है। जांच कर करोड़ों की ठगने वाले गिरोह का खुलासा होना ही चाहिए।
परीक्षा निरस्त करना समाधान नहीं
भाजपा नेता अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि परीक्षा निरस्त करना समाधान नहीं है। 26 लाख युवाओं को फिर से परीक्षा देनी होगी, ऐसा जिन लोगों के कारण हो रहा है उन्हें सजा मिलनी ही चाहिए। इस पूरे मामले में सरकार से लेकर कई लोग शामिल हैं, ऐसे लोगों को सामने लाने के लिए सीबीआई जांच होनी ही चाहिए। राजीव गांधी स्टडी सर्किल के लोगों को भी जांच में शामिल कर कार्रवाई होनी चाहिए।
करीबियों को बचा रहे सीएम
नागौर सांसद व आरएलपी प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने कहा कि जिनके पास रीट लेवल-2 का जिम्मा था उन्हीं के पास ही लेवल-1 की जिम्मेदारी थी। मुख्यमंत्री यह कैसे मान रहे हैं कि लेवल प्रथम के पेपर कोई गड़बड़ी नहीं हुई है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि सीएम अशोक गहलोत केवल रीट लेवल-2 रद्द कर अपने करीबी अफसरों और मंत्रियों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। रीट पेपर लीक मामले की जांच सीबीआई से करानी चाहिए, ताकि दोषियों को पकड़कर सजा दी जा सके।