जवान नरेश पटेल ने खुद को मार ली थी गोली।
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सीआरपीएफ जवान नरेश जाट आत्महत्या मामले में डीआईजी समेत 9 लोगों का तबादला कर दिया गया है। साथ ही मामले की जांच के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश दे दिए गए हैं। इधर, परिवार और प्रशासन के बीच चार दिन से चल रहा गतिरोध भी टूट गया है। दोनों पक्षों की वार्ता में गुरुवार देर शाम तय हुआ कि मृतक परिवार को 25 लाख रुपए मुआवजा और पत्नी को सरकारी नौकरी दी जाएगी।
दोनों पक्षों की वार्ता में इस बात पर भी सहमति बनी है कि मृतक जवान नरेश की बेटी के 12वीं तक की पढ़ाई का खर्च सीआरपीएफ उठाएगी। नरेश की पत्नी को पुनर्विवाह करने तक पेंशन भी मिलेगी और परिवार सरकारी घर में भी रह सकेगा। कोर्ट ऑफ इंक्वायरी आईजी विवेक वैद्य करेंगे, 15 दिन में उन्हें जांच रिपोर्ट सौंपनी होगी।
पुलिस कमिश्नर रवि दत्त गौड़ ने बताया कि इस मामले की जांच निष्पक्ष रूप से की जाएगी। साथ ही पोस्टमार्टम में जल्दबाजी करने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी। वार्ता में तय हुआ है कि नरेश के शव का सम्मान पूर्वक अंतिम संस्कार होगा। इस दौरान आईजी खुद वहां मौजूद होंगे। वार्ता में सांसद हनुमान बेनीवाल, पुलिस कमिश्नर रविदत्त गौड़, डीसीपी अमृता दुहान, सीआरपीएफ एडीजी रश्मि शुक्ला, आईजी विक्रम सहगल, आर के यादव, भोपालगढ़ विधायक पुखराज गर्ग और नरेश के परिजन शामिल हुए थे।