गैंगरेप के 1337 केस दर्ज हुए
साल 2022 में राजस्थान में गैंग रेप के 1337 केस दर्ज हुए। अन्य रेप के संबंध में 4128 केस दर्ज हुए हैं। जो पिछले साल 2021 के मुकाबले 11.90 प्रतिशत बढ़े हैं। बच्चों और नाबालिग से होने वाले अपराधों में पॉक्सो एक्ट की धारा 4/6 के तहत 1628 केस दर्ज हुए। जबकि अन्य पॉक्सो एक्ट के तहत 2162 केस रजिस्टर्ड किए गए। इन दोनों कैटेगरी के दुष्कर्म के मामलों में 887 केसों की जांच फिलहाल पेंडिंग चल रही है।
साल 2022 में एससी जाति अत्याचार के संबंध में 8752 केस दर्ज हुए। हत्या के 99, गंभीर चोट के 11, बलात्कार के 658, गंभीर नुकसान पहुंचाने के 83 केस रजिस्टर्ड हुए। एससी-एसटी एक्ट के तहत 101 और अन्य 7875 केस दर्ज हुए। इनमें साल 2021 के मुकाबले 16.32 प्रतिशत बढ़ोतरी दर्ज की गई है। राजस्थान में केसों की पेंडेंसी का प्रतिशत 17 है। सबसे कम पेंडेंसी कोटा ग्रामीण की चार प्रतिशत है और सबसे ज्यादा पेंडेंसी जयपुर ग्रामीण की 39 प्रतिशत है।
क्राइम फिगर बढ़ा, लेकिन लोगों को न्याय दिलाने में पुलिस का काम अच्छा
राजस्थान के एडीजी क्राइम डॉ. रवि प्रकाश मेहरडा ने कहा कि साल 2020 से 2021 में क्राइम की बढ़ोतरी करीब 11 प्रतिशत थी। 2022 में अपराध के आंकड़े 11.61 प्रतिशत बढ़े हैं, लेकिन लोगों को न्याय दिलाने के मामले में पुलिस ने अच्छा काम किया है। साल 2021 के मुकाबले साल 2022 में मामलों की पेंडेंसी 17 प्रतिशत रही है।