पूजा मीणा राजस्थान प्रशासनिक सेवा यानी RAS अधिकारी हैं। वे झालावाड़ जिले की नगर परिषद आयुक्त थीं। वहां से उनका तबादला किया जा चुका है। अभी वे अवेटिंग पोस्टिंग ऑर्डर (एपीओ) हैं यानी नई पदस्थापना के आदेशों की प्रतीक्षा में हैं। वहीं, पवन अरोड़ा शहरी निकाय विभाग (डीएलबी) के निदेशक रह चुके हैं। वर्तमान में वे राजस्थान हाउसिंग बोर्ड के आयुक्त हैं।
दरअसल, नौ जनवरी को नगर परिषद झालावाड़ में आयुक्त पद से पूजा मीणा का तबादला नागौर नगर परिषद में आयुक्त के पद पर कर दिया गया। फिर उसी दिन आदेश में संशोधन कर उन्हें नई पदस्थापना के आदेशों की प्रतीक्षा में रखते हुए निदेशालय में भेज दिया गया। एक ही दिन में दो तबादला आदेश जारी होने के बाद पूजा मीणा ने ये आरोप लगाए हैं। हालांकि, 10 जनवरी को एक और नया तबादला आदेश निकाल कर उन्हें जयपुर हैरिटेज नगर निगम में उपायुक्त पद पर पोस्टिंग दे दी गई।
आयुक्त ने एक और अफसर हृदेश शर्मा और मंत्री धारीवाल पर भी गंभीर आरोप लगाए
16 दिन पहले ही पूजा मीणा को झालावाड़ नगर परिषद के आयुक्त के पद पर नियुक्त किया गया था, लेकिन 9 जनवरी 2023 को अचानक दो बार हुए तबादलों के ताबड़तोड़ क्रम के बाद पूजा मीडिया ने वर्तमान डीएलबी डायरेक्टर ह्रदयेश शर्मा पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। दरअसल, पूजा मीणा के तबादले का आदेश हृदेश शर्मा ने ही निकाला है। पूजा मीणा ने रोते हुए राजस्थान सरकार के यूडीएच मंत्री और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नजदीकी शांति धारीवाल के लिए कहा कि वे पवन अरोड़ा को संरक्षण देते हैं।
आरोपों के बाद क्या हुआ?
पवन अरोड़ा, हृदेश कुमार शर्मा और मंत्री शांति धारीवाल पर गंभीर आरोप लगने की सूचना मिलने के बाद पूरे विभाग में खलबली मच गई। बताया जा रहा है कि आयुक्त पूजा मीणा को 10 जनवरी की तारीख में फिर से तबादला कर जयपुर नगर निगम हैरिटेज में उपायुक्त नियुक्त कर दिया गया। राजधानी जयपुर में इसे प्राइम पोस्टिंग वाली जगह माना जाता है।
क्या कहते हैं IAS पवन अरोड़ा?
पूजा मीणा के आरोपों पर अमर उजाला ने राजस्थान हाउसिंग बोर्ड के आयुक्त पवन अरोड़ा से बात की। अरोड़ा ने कहा, ''डीएलबी से इस महिला का नागौर ट्रांसफर किया गया, फिर एपीओ किया गया। यह विभागीय मसला है। इसमें मैं कहां बीच में आता हूं? उनके आरोप असत्य और बेबुनियाद हैं। जब डीएलबी में मेरी पोस्टिंग थी, तब यह महिला मेरे चैम्बर में कागजात लेकर एक या दो बार आईं थीं। उसके अलावा ना मैं उन्हें जानता हूं, न मैंने उन्हें कभी फोन किया, न ही मैंने कभी एक भी मैसेज किया। अब उनके मन में ग्रंथी है कि मैं पोस्टिंग चेंज करवाता हूं, तो इसका तो मैं क्या जवाब दूं? यह तो बिल्कुल झूठी और बेबुनियाद बात है। जबरदस्ती आप किसी को यह कहो कि आप मेरी पोस्टिंग करवा रहे हो। अभी पिछले दिनों यह टोंक में सस्पेंड हुई थी। मेरा इससे संबंध नहीं है।''