राजस्थान में कार्यकर्ताओं में उत्साह की कमी झेल रहे कांग्रेस प्रत्याशियों को बागियों का डर भी सता रहा है। सहमे प्रत्याशी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट की शरण में पहुंच गए हैं।
कुछ प्रत्याशियों ने सचिन पायलट को पत्र लिखकर बागियों को फिर पार्टी में लेने का आग्रह किया है। विधानसभा चुनावों में मिली बड़ी हार के बाद पार्टी ने प्रदेशभर से करीब 350 प्रत्याशियों को निष्कासित कर दिया था।
प्रत्याशियों की भावना को देखते हुए पार्टी ने बागियों को वापस पार्टी में शामिल करने की कवायद शुरू कर दी है।
प्रत्याशियों के मन में बागियों का डर
प्रदेश कांग्रेस की ओर से लोकसभा चुनाव के लिए मैदान में उतारे गए प्रत्याशी भले ही अपनी जीत के लिए जी तोड़ मेहनत कर रहे हैं, लेकिन उनके मन में बागियों का डर बैठा हुआ है।
श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ से लोकसभा चुनाव प्रत्याशी पूर्व मंत्री मास्टर भंवरलाल और उदयपुर से प्रत्याशी रघुवीर मीणा ने पत्र लिख कर बागियों व निष्कासित पदाधिकारियों को वापस पार्टी में लेने का आग्रह किया है।
मास्टर भंवर लाल ने श्रीगंगानगर क्षेत्र में अपना खास प्रभाव रखने वाले एक पूर्व जिला अध्यक्ष और रघुवीर मीणा ने उनके चुनाव क्षेत्र में बहुत ही प्रभावशाली आधा दर्जन कार्यकर्ताओं को पार्टी में वापस लेने के लिए सचिन पायलट को पत्र लिखा है।
बागियों से सम्पर्क साधना शुरू
प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व उन्हीं बागियों को वापस पार्टी में लेगी, जिनकी सिफारिश लोकसभा उम्मीदवार करेंगे। पार्टी को बड़ी संख्या में ऐसे नाम मिल चुके हैं।
प्रदेश कांग्रेस के नेताओं ने प्रत्याशियों की भावना समझते हुए उन पदाधिकारियों से सम्पर्क साधना शुरू कर दिया है, जिन्होंने विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी से टिकट नहीं मिलने पर बागी होकर चुनाव लड़ा था। अब उनसे भी सम्पर्क साधा जा रहा है, जिनकी इच्छा के विरुद्ध विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने उम्मीदवार उतारा था।
पार्टी ने बागियों को मानने और उन्हें वापस पार्टी से जोडऩे की कवायद शुरू कर दी है। हालांकि प्रदेश नेतृत्व ने उम्मीदवारों को साफ कहा है कि अधिकतर को प्रदेश स्तर पर नेताओं से चर्चा करके पार्टी में शामिल किया जा सकता है, लेकिन कुछ बागियों को पार्टी में वापस लेने के लिए कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी से इजाजत लेनी पड़ेगी।