जिला कलेक्टर अंशदीप ने किया चिकित्लाय का दौरा।
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अजमेर जिला कलेक्टर अंशदीप ने बुधवार को ब्यावर पहुंचकर राजकीय अमृतकौर चिकित्सालय की मदर चाईल्ड विंग का निरीक्षण किया। अंशदीप एसएनसीयू के उस वार्ड में पहुंचे जहां वार्मर के सैंसर फैल होने से दो नवजात की मौत हो गई थी। इस दौरान उनके साथ निर्वतमान पीएमओ डॉ. एसएस चौहान, नए पीएमओ डॉ. दिलीप चौधरी, ब्यावर उपखंड अधिकारी राहुल जैन, सहायक पुलिस अधीक्षक सुमित मेहरड़ा सहित कई अधिकारी मौजूद थे।
कलेक्टर ने चिकित्सालय के एसएनसीयू वार्ड में लगे अन्य वार्मर को देखा और उनकी जानकारी भी ली। इस दौरान डॉ. चौहान और डॉ. चौधरी ने उन्हें पूरे घटनाक्रम के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि बिजली के बार-बार आने-जाने के कारण एक वार्मर का सैंसर फैल हो गया था। इसी कारण यह घटना घटी। कलेक्टर ने चिकित्सकों और ब्यावर के उपखंड अधिकारी को इस मामले की जांच को गंभीरता से करवाने के निर्देश दिए। साथ ही जांच के लिए कुछ और बिंदु भी बताए हैं। चिकित्सालय में स्टाफ की कमी को लेकर, उन्होंने कहा कि सरकार लगातार भर्तियां कर रही है। जल्द ही स्टाफ की कमी पूरी हो जाएगी।
घटना के बाद सरकार ने की कार्रवाई
चिकित्सालय में दो नवजात बच्चों की मौत के बाद सरकार ने तत्काल कार्रवाई की थी। अमृतकौर चिकित्सालय के पीएमओ डॉ. सुरेंद्र सिंह चौहान को हटा दिया गया था। उनके स्थान पर पूर्व में रहे पीएमओ डॉ. दिलीप चौधरी को एक बार फिर पदस्थ किया गया था। इसके अलाावा डॉ. पीएम बोहरा को एपीओ और जीएनएम अरुण सोंलकी को बर्खास्त कर दिया गया है।
अधिकारियों का लगा जमावड़ा
हादसे के बाद अमृतकौर अस्पताल में पूरे दिन स्वास्थ्य विभाग के बड़े अधिकारियों का जमावड़ा लगा रहा। सरकार के निर्देश पर गठित अलग-अलग कमेटियां जांच करने पहुंची और अस्पताल स्टाफ के बयान लिए गए। संयुक्त निदेशक डॉ. इंद्रजीत सिंह, उपनिदेशक डॉ. योगेंद्र फुलवारी, प्रजनन एवं बाल स्वास्थ्य निदेशक डॉ. केएल मीणा, बाल स्वास्थ्य परियोजना निदेशक डॉ. गुणमाला जैन, नोडल अधिकारी डॉ. प्रदीप चौधरी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कृष्ण कुमार सोनी, डॉ. स्वाति शिंदे, उपखंड अधिकारी राहुल जैन और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।