अशोक गहलोत, राहुल गांधी, सचिन पायलट
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पंजाब कांग्रेस में हाल ही में नाटकीय तरीके से हुए सत्ता परिवर्तन के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भी जल्द ही हलचल दिख सकती है। लेकिन राजस्थान के राजस्व मंत्री व पंजाब में कांग्रेस के पर्यवेक्षक रहे हरीश चौधरी का कहना है कि राजस्थान में ऐसा संभव नहीं है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पास 100 से ज्यादा विधायकों का समर्थन प्राप्त है। इसलिए राजस्थान में विधायकों को आधार मानकर सत्ता परिवर्तन नहीं किया जा सकता।
पंजाब में विधायक चाहते थे बदलाव
हरीश चौधरी ने कहा कि पंजाब में बतौर पर्यवेक्षक मेरी भूमिका बहुत सीमित थी, लेकिन वहां पर विधायक ही सत्ता परिवर्तन चाहते थे। कांग्रेस ने वहां पर एक आम से कार्यकर्ता को मुख्यमंत्री बनाया है। ऐसा कांग्रेस में ही संभव है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने कैप्टन अमरिंदर सिंह को बहुत कुछ दिया है।
राजस्थान के हालात बहुत अलग
चौधरी ने कहा, राजस्थान और पंजाब की तुलना नहीं की जा सकती। क्योंकि यहां राजस्थान के हालात बहुत ही अलग हैं। सीएम अशोक गहलोत के पास अच्छा समर्थन है। करीब 100 विधायक उनके खेमे में हैं। इसलिए पंजाब की तरह वहां पर सत्ता परिवर्तन संभव ही नहीं है। आगे कहा कि सचिन पायलट कितनी बार राहुल गांधी या प्रियंका गांधी से मिले हैं इसकी जानकारी नहीं है।
गहलोत और पायलट में है ठनी
राजस्थान में सचिन पायलट और सीएम अशोक गहलोत के बीच सब कुछ सही नहीं चल रहा है। दोनों के बीच का विवाद सार्वजनिक रूप से सामने आ चुका है। डिप्टी सीएम रहे सचिन पायलट और उनके खेमे के विधायक सरकार के खिलाफ बगावत भी कर चुके हैं।