विधायक रफीक खान के साथ आरोपी
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राजकीय निवास पर दंगा आरोपी की की जा रही मेजमानी
छबड़ा के भाजपा के विधायक प्रताप सिंह सिंघवी ने इसको लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि क्यों एक दंगाई मुख्यमंत्री की आयोजित इफ्तार पार्टी में शामिल हुआ, इसकी जांच की जानी चाहिए। भाजपा विधायक प्रताप सिंह सिंघवी ने कहा कि विडंबना है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के राजकीय आवास पर सांप्रदायिक दंगों के आरोपित की मेजमानी की जा रही है! क्या इसके पीछे तुष्टिकरण से निकले वोट हैं? कांग्रेस की ऐसी सोच निहायत शर्मनाक और बहुसंख्यक समाज के लिए अपमानजनक है। जनता सब देख रही है, समय आने पर सारा हिसाब होगा।
सीएम दंगों के आरोपियों को करते हैं दुलार
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि कांग्रेस का यह कैसा राज है। जिसमें पीएफआई से प्यार है, बहुसंख्यक को दुत्कार है। मुख्यमंत्री निवास में इफ्तार करके दंगे के आरोपियों को बुलाकर दुलार करते हैं और करौली में आरोपियों को बचाने की कवायद की जा रही है। जबकि अलवर जिले में शिवमंदिर, गोशाला से उन्हें एतराज है। पूनिया ने कहा जिस तरह से पहले करौली हिंसा और अब अलवर के राजगढ़ में मंदिर तोड़ने का मामला सामने आया है। वह इस बात सबूत है कि प्रदेश कांग्रेस सरकार तुष्टिकरण की राजनीति करती है।
उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने भी ट्वीट कर कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की इफ्तार पार्टी में छबड़ा हिंसा के मुख्य आरोपी आसिफ हसाड़ी का शरीक होना राज्य सरकार के अपराधियों को संरक्षण देने का प्रमाण है। अपराधी इफ्तार पार्टी में शामिल होते हैं और इंटेलिजेंस हाथ पर हाथ धरे बैठी रहती है। वाह सरकार वाह।
22 अप्रैल को मुख्यमंत्री आवास पर रोजा इफ्तार पार्टी हुई थी। पार्टी में मंत्री ममता भूपेश और राज्य महिला आयोग अध्यक्ष रेहाना रियाज चिश्ती के साथ आरोपी के फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे है। वहीं एक फोटो विधायक रफीक खान के साथ भी है, जिसमें आरोपी विधायक के गले में हाथ डालकर मुस्कराते हुए दिख रहा है।
नेताओं ने दी सफाई
फोटो वायरल होने के बाद मंत्री ममता भूपेश ने कहा कि भाजपा को हर चीज की राजनीतिकरण करने की आदत है। इफ्तार पार्टी में बहुत लोग आए थे। कैसे पता चलेगा कि साथ फोटो खिंचवाने वाला कौन है। वहीं विधायक रफीक खान ने कहा कि आरोपी ने अग्रिम जमानत ले रखी है। अगर वह दोषी होगा तो सजा मिलेगी, नहीं होगा तो सजा नहीं मिलेगी। उसके रोजा खोलने के अधिकार को कैसे रोका जा सकता है।
सीएम गहलोत की इफ्तार पार्टी में छबड़ा दंगा का आरोपी
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छबड़ा हिंसा
बारां जिले के छबड़ा में 11 अप्रैल 2021 को सांप्रदायिक हिंसा भड़की थी। छबड़ा कस्बे में दो युवकों की छुरा घोंपकर हत्या के बाद हिंसा भड़क गई। जिसके बाद उपद्रवियों ने दर्जनों वाहनों और दुकानों में तोड़फोड़ और आगजनी की। हालात काबू में करने के लिए पुलिस ने इंटरनेट बंद कर कर्फ्यू लगाया था। जिसमें पुलिस की ओर से दर्जनों दंगाई के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया, जिसमें आसिफ हसाडी, जो कि छबड़ा नगर पालिका में महिला पार्षद की पति है। फिलहाल वो जमानत पर बाहर है।