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सावधान! पुराने टीवी में छिपा होता था कीमती पदार्थ, ये बताकर पिच्चर ट्यूब बेच रहे ठग, सीकर में ढाई लाख की ठगी

Mon, 24 Jul 2023 04:21 PM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीकर

सार

सीकर की रानोली थाना पुलिस ने टीवी की माइक्रो ट्यूब को 2.50 लाख रुपये में एक व्यक्ति को बेचने और पांच लाख रुपये में उसे ट्यूब आगे बिकवाने का झांसा और मोटे मुनाफे का लालच देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।
 
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : Amar Ujala Digital
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विस्तार
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सीकर की रानोली थाना पुलिस ने एक ठग को गिरफ्तार किया है। पुराने टीवी की माइक्रो ट्यूब को कीमती बताकर लोगों से ठगी की जा रही है। आरोपी ने टीवी की माइक्रो ट्यूब को 2.50 लाख रुपये में एक व्यक्ति को बेच दिया ये कहकर कि बाद में वो इसे पांच लाख रुपये में विकवा देगा। आरोपी सोहनलाल बावरिया को अब पुलिस की गिरफ्त में है। 

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सीकर की रानोली थाना पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 15 जून को एक व्यक्ति पूर्णमल निवासी रानोली ने रिपोर्ट दर्ज करवाई कि उसकी गुरुकृपा मार्केट में दुकान है। दुकान पर कैलाश बावरिया नाम का युवक कपड़े खरीदने के लिए आता था। ऐसे में पूर्णमल की उससे जान पहचान हो गई। कैलाश बावरिया उसे अपने साथ आभावास गांव ले गया और कहा कि 2.50 लाख में टीवी की माइक्रो ट्यूब ले लो, इसे मैं पांच लाख में बिकवा दूंगा। वहां कैलाश ने सोहनलाल बावरिया से ट्यूब दिलवा दी। अगले ही दिन से कैलाश का फोन बंद आने लगा। पुलिस ने रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की, जिसके बाद पुलिस ने मामले में सोहनलाल बावरिया (31 साल) निवासी सिरसला जोहड़ा को गिरफ्तार कर किया है।

फिलहाल आरोपी से उसके साथी और अन्य वारदातों के बारे में पूछताछ जारी है। टेलीविजन की माइक्रो ट्यूब के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने के मामले में रानोली थाना पुलिस करीब एक माह पूर्व भी एक आरोपी को गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं, पुलिस अब गिरोह के शेष आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
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माइक्रो ट्यूब के नाम पर ठग कैसे करते हैं ठगी?
जब इस संबंध में जानकारों से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि पुराने समय में जो टीवी आते थे। उसमें पिक्चर ट्यूब के साथ टीवी के सर्किट बोर्ड पर बल्ब में कुछ रंगीन लिक्विड भरा जाता था, जो बोर्ड को ठंडा करने का काम करता था। बाद में टेक्नॉलजी के अपग्रेड होने पर इस तरह के टीवी बनने बंद हो गए। ठगों ने इसी बात का फायदा उठाया और पुराने टीवी में लगे इस लिक्विड को बेशकीमती और दुर्लभ पदार्थ बताकर लाखों रुपये में बेचने की बात कहते हुए ठगी की वारदात को अंजाम दिया।

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