भरतपुर पुलिस ने टावर पर चढ़ने वाले बाबा नारायण दास और खुद को आग लगाने वाले बाबा विजय दास के खिलाफ आत्महत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है। इनमें से बाबा विजय दास का जयपुर के एसएमएस अस्पताल में इलाज चल रहा है।
डीग क्षेत्र के पासोपा गांव में संत बीते करीब 550 दिन से धरना दे रहे थे। मंगलवार और बुधवार को आंदोलन उग्र हो गया। बाबा नारायण दास मंगलवार को मोबाइल टावर पर जा चढे़ थे और करीब 31 घंटे तक टावर पर ही रहे। इस दौरान दूसरे संत बाबा विजय दास ने बुधवार को खुद को आग लगा ली। उसके बाद बाबा नारायण दास टावर से नीचे आ गए थे।
आईपीसी की धारा 309 का मतलब है कि आत्महत्या का प्रयास करना। इसमें अधिकतम जुर्माना कोर्ट तय करता है और अधिकतम एक साल तक की सजा दी जा सकती है। अब केस दर्ज होने के बाद दोनों संतों को पूरी कानूनी कार्रवाई से गुजरना होगा। बेगुनाह साबित नहीं होने पर उनको गिरफ्तार भी किया जा सकता है। डीग एएसपी रघुवीर सिंह कविया ने केस दर्ज करने की पुष्टि की है।