सरदारशहर विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव में भाजपा ने पूर्व विधायक अशोक पिंचा को टिकट दिया है। भंवरलाल शर्मा ने पिछले चुनाव में अशोक पिंचा को 16 हजार से ज्यादा वोटों से हराया था। सरदार शहर में भंवर लाल की मृत्यु के बाद उप चुनाव होने जा जा रहा है। जिसमें कांग्रेस भंवर लाल के बेटे अनिल शर्मा को चुनाव लड़ा सकती है।
जाट वोट टूटा कांग्रेस की जीत होगी पक्की
अगर कांग्रेस भंवर लाल के बेटे पर दांव खेलती है तो वो वोटर जो भंवर लाल के साथ थें, वो कांग्रेस को वोट कर सकते हैं। भंवर लाल के प्रति एक संवेदना की लहर का भी फायदा कांग्रेस को मिल सकता है लेकिन हनुमान बेनीवाल अगर जाट कार्ड खेलते हैं तो सबसे ज्यादा नुकसान भाजपा को होना तय है। इसके पीछे वजह है कि 40 हजार जाटों का वोट अगर टूटता है तो भाजपा को भारी नुकसान होगा। भंवर लाल के वोटरों में सर्व समाज के वोटर शामिल रहे हैं अगर जाट छिटकता है तो भी बनिया, ब्राम्हण और राजपूत और अन्य समाज का वोट कांग्रेस की जीत के लिए काफी होगा। इस परिस्थिति में भाजपा ने अशोक पिंचा को टिकट देकर जाट नेताओं को नाराज किया है।
दूसरा सबसे बड़ा फैक्टर है एक संवेदना का जो भंवर लाल के साथ है, उससे भी पार पाना भाजपा के लिए बड़ा मुश्किल टास्क है। सरदारशहर के उप चुनाव में मुख्यमंत्री गहलोत की साख भी लगी हुई है। जिसके चलते कांग्रेस भी पूरे दम खम से मैदान में मौजूद है।