फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Asaram: जेल में ही रहेगा आसाराम, हाईकोर्ट ने सजा स्थगन याचिका खारिज की, इतने बार जमानत अर्जी भी दायर कर चुका है

Fri, 08 Jul 2022 07:11 PM IST
उदित दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर

सार

हाईकोर्ट ने कहा, गुजरात में दर्ज दुष्कर्म मामले में ट्रायल कोर्ट में गवाहों के बयान चल रहे है। ऐसे में आसाराम जमानत का हकदार नहीं है।
विज्ञापन
आसाराम - फोटो : self
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

नाबालिग छात्रा के यौन उत्पीड़न मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट से झटका लगा है। हाईकोर्ट ने आसाराम की तरफ से पेश सजा स्थगन याचिका को खारिज कर दिया। अब तक तीन बार आसाराम की सजा स्थगन याचिका खारिज की जा चुकी है। इसके अलावा आसाराम करीब 15 बार जमानत याचिका भी दायर कर चुका है, लेकिन उसे जमानत नहीं दी गई।

विज्ञापन


होईकोर्ट में क्या हुआ? 
न्यायाधीश संदीप मेहता और न्यायाधीश विनीत कुमार माथुर की खंडपीठ के समक्ष सीनियर एडवोकेट देवदत्त कामत ने कहा, आसाराम 9 साल और 7 महीने से जेल में बंद है। 83 साल के आसाराम को कई बीमारियां भी हैं। जिन आरोपों के आधार पर उसे उम्र कैद की सजा दी गई है वह सही नहीं हैं। ऐसे में आसाराम को राहत मिलनी चाहिए। 

इस जवाब में सरकारी वकील अतिरिक्त महाधिवक्ता अनिल जोशी ने कहा, इस मामले में आसाराम के वकील कई सुनवाई में नहीं आए। इस कारण सुनवाई भी स्थगित करनी पड़ी। अपीलार्थी का यह देरी स्वीकार्य नहीं है। हाईकोर्ट अगर आसाराम को राहत देती है तो उसे कोई लाभ नहीं होने वाला। जेल से बाहर निकलते ही गुजरात पुलिस उसे गिरफ्तार कर लेगी। वहां उसके खिलाफ दर्ज दुष्कर्म केस में ट्रायल चल रहा है। 
विज्ञापन

 
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद खंडपीठ ने कहा, पिछले सुनवाई में हमने गुजरात में चल रहे केस की रिपोर्ट मांगी थी। जिसमें बताया गया है कि ट्रायल कोर्ट में गवाहों के बयान चल रहे है। हमें नहीं लगता कि आसाराम जमानत का हकदार है। ऐसे में उसकी सजा स्थगन याचिका खारिज की जाती है। 

जानें क्या है मामला?
आसाराम के गुरुकुल में पढ़ने वाली एक नाबालिग छात्रा ने उस पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। छात्रा ने कहा था कि 15 अगस्त 2013 को आसाराम ने जोधपुर के निकट मणाई गांव में एक फार्म हाउस में उसका यौन उत्पीड़न किया। 20 अगस्त 2013 को पीड़िता ने दिल्ली के कमला नगर पुलिस थाने में आसाराम के खिलाफ केस दर्ज कराया। दिल्ली पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर केस की जांच जोधपुर पुलिस को दे दी। 31 अगस्त 2013 को पुलिस ने मप्र के इंदौर से आसाराम को गिरफ्तार किया और जोधपुर लेकर आई। अप्रैल 2018 में कोर्ट ने उसे दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुना दी थी।  

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें