अलवर शहर से दुखद घटना सामने आई है। सदर थाना क्षेत्र में प्रेम विवाह के कारण बाप और बेटे की हत्या कर दी गई। परिवार के छोटे बेटे ने दो महीने पहले गांव की ही एक लड़की से घर से भागकर प्रेम विवाह किया था। इसके बाद से परिवार को जान से मारने की धमकियां मिल रही थी। बुधवार रात को बाप-बेटे घर लौट रहे थे। तभी पड़ोसियों (लड़की के परिवारजन) ने हमला कर दिया। पुलिस ने बताया कि दोनों के शवों का पोस्टमॉर्टम करा लिया गया है और उनके परिवार वालों को सौंप दिया गया है।
बता दें कि परिवार के छोटे बेटे शुभम ने स्नेहा नाम की लड़की से लव मैरिज की थी। शुभम का बड़ा भाई रॉबिन गुड़गांव में काम करता था। वहां वह अपने जीजा पवन के साथ रहता था। बुधवार को रॉबिन गुड़गांव से अपने गांव पहाड़ी बास (करौली) लौट रहा था। पवन ने रॉबिन को चिकानी के पास छोड़ा और अलवर चला गया। रॉबिन को लेने उसके पिता सूरज आए थे और दोनों अपने गांव के लिए निकल गए। रॉबिन और उसके पिता सूरज अपने घर से कुछ ही दूरी पर थे, तभी वहां कुछ लोग घात लगाए बैठे थे। इन लोगों में दयाल, सतवीर, शशि, प्रेमकांता, मोना, रमना और वीरभान शामिल थे। उनके पास लाठी, डंडे, फरसा और टाचिया जैसे हथियार थे। जैसे ही रॉबिन और उसके पिता वहां पहुंचे, इन लोगों ने उन पर हमला कर दिया। इस हमले में रॉबिन और उसके पिता सूरज की मौके पर ही मौत हो गई।
रॉबिन के जीजा पवन ने बताया, करीब दो महीने पहले रॉबिन के भाई शुभम ने पड़ोस की ही एक लड़की स्नेहा से भागकर शादी कर ली थी। इस घटना के बाद से ही पड़ोसी रॉबिन और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहे थे। जिस दिन रॉबिन ने स्नेहा को भगाकर शादी की थी, उसी दिन गांव के एक लड़के मनप्रीत ने स्नेहा के बुआ की लड़की को भगाकर शादी कर ली थी।
पंजाब से ही भागी थी स्नेहा
पवन का यह भी कहना था कि शुभम ने जिस लड़की से शादी की थी, उसके माता-पिता को इस शादी से कोई आपत्ति नहीं थी। लेकिन लड़की के चाचा और ताऊ इस शादी के खिलाफ थे। इसीलिए वे शुभम और उसके परिवार को जान से मारना चाहते थे। स्नेहा अपनी बुआ के पास पंजाब में रहती थी और शुभम के साथ वहीं से भागी थी। रॉबिन कई साल से अपने जीजा के साथ गुड़गांव में रहता था और वहीं काम करता था। वह अपने जीजा के साथ अपनी पत्नी को लेने आया था। लेकिन इसी बीच उसकी हत्या कर दी गई। रॉबिन तीन भाई-बहन थे और उनके पिता मजदूरी करके घर चलाते थे।