राजस्थान की उद्योग और देवस्थान मंत्री शकुंतला रावत ने शुक्रवार को अलवर रीको कार्यालय में जिले में लगने वाले उद्योगों को लेकर आवश्यक बैठक की। बैठक में गत दिनों हुए एमओयू और एलओआई को लेकर समीक्षा की गई।
उद्योग मंत्री शकुंतला रावत ने बताया कि कोरोना काल में उद्योग धंधे काफी प्रभावित हुए थे और उसके बाद इन्वेस्ट राजस्थान समिट का आयोजन किया गया, जिसमें अन्य देशों-प्रदेशों के उद्योगपतियों के साथ एमओयू और एलओआई हुए थे। उसके बाद प्रत्येक जिले में उद्योग धंधे स्थापित करने के लिए रोड शो किए गए। जिन्हें लेकर वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जिला कलेक्टर, संभागीय आयुक्त और उद्योग अधिकारी से प्रत्येक माह चर्चा की जाती है। वन स्टॉप शॉप पर मीटिंग होती है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की प्रत्येक योजनाओं को लागू करने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं और उनकी योजनाओं को धरातल पर लाने का कार्य निश्चित रूप से किया जा रहा है। प्रत्येक ज़िले में जाकर कलेक्ट्रेट में जिला उद्योग अधिकारियों की बैठक ली जा रही है। बैठक में अधिकारियों और उद्योगपतियों को भी बुलाया जाता है और उनकी समस्याएं सुनकर समाधान किया जाता है।
एमओयू के अनुसार 65 फ़ीसदी उद्योग स्थापित हो चुके
मंत्री ने बताया कि राजस्थान में हुए एमओयू के अनुसार 65 फीसदी उद्योग स्थापित हो चुके हैं। 125 उद्योग अभी पाइपलाइन में हैं और कुछ पर काम चल रहा है। भिवाड़ी के उद्योगों में प्रदूषण के सवाल पर उन्होंने कहा कि प्रदूषण विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। अलवर की फैक्ट्री सीटीपी प्लांट लगाएं और उद्योगों से संबंधित सभी एसोसिएशन से फैक्ट्रियों के जनरल मैनेजर से बात की जा रही है कि वह क्यों सीपीटी प्लांट नहीं लगाते हैं? उन्हें प्रदूषण मुक्त रखना है तो उन्हें सीपीटी प्लांट लगाना चाहिए।
दरअसल आज भी भिवाड़ी के गैलपुर में जल प्रदूषण को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन दिया गया था। अलवर के उद्योगों में अलवर सहित स्थानीय को रोजगार नहीं देने के सवाल पर उद्योग मंत्री शकुंतला रावत ने कहा कि हम रोजगार देने वाले बनें, रोजगार लेने वाले नहीं। इसलिए सरकार ने युवाओं को रोजगार के लिए प्रोत्साहित करने की योजना चलाई है और हम चाहते हैं कि हमारे बच्चे कंपनी में न जाएं बल्कि कंपनी स्थापित करें, जिसमें औरों को भी रोजगार दिया जाए।
राजस्थान सरकार और केंद्र सरकार जब भर्ती करती है, तो जाति नहीं देखती, योग्यता के अनुसार रखती है
देवस्थान विभाग के आत्मनिर्भर मंदिरों में हाल ही दलित समाज और अन्य जातियों के पुजारियों की नियुक्ति को लेकर ब्राह्मण समाज की आपत्ति को लेकर शकुंतला रावत ने कहा कि राजस्थान सरकार और केंद्र सरकार जब भर्ती करती है, तो वह जाति नहीं देखती। योग्यता के अनुसार रखती है और जिसमें योग्यता है, वह पुजारी बन सकता है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने देवस्थान विभाग के 593 मंदिरों को 593 लाख रुपए पोशाक और साज सज्जा के लिए दिए हैं। ऐसा पहली बार हुआ है। सावन के दो महीनों में शिवालयों में सरकार द्वारा अभिषेक के सवाल पर उन्होंने कहा कि अभी इसके लिए रूट चार्ट जल्दी बनाया जा रहा है और प्रत्येक सोमवार को किसी न किसी मंदिर पर आयोजन किए जाएंगे।
लोग गाड़ी धीरे नहीं चलाते, इसलिए सड़क दुर्घटनाएं बढ़ती जा रहीं
अलवर में एक्सप्रेस हाईवे पर लगातार हो रही दुर्घटनाओं के सवाल पर उन्होंने कहा कि सभी सड़कों पर बोर्ड लगे होते हैं। जिस पर लिखा होता है धीरे चलाएं, लेकिन उसके बावजूद भी लोग गाड़ी धीरे नहीं चलाते, इसलिए सड़क दुर्घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि अगर कहीं भी सड़क दुर्घटना में कोई घायल व्यक्ति दिखाई दे, गिरा हुआ दिखाई दे, तो उसे शीघ्र राहत पहुंचाएं और उस राह से गुजरने वाले को घायल की सहायता करनी चाहिए। तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सरकार के दौरान केंद्र सरकार द्वारा 108 एंबुलेंस इसी उद्देश्य से चलाई गई थी कि कोई भी रास्ते में घायल मिले, तो उसे तुरंत ही अस्पताल में लाकर इलाज कराया जाए।