अलवर के बानसूर में रामपुर गांव निवासी ITBP हेड कांस्टेबल भूप सिंह का पुलिस सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान ग्रामीणों ने तिरंगा यात्रा निकालकर जवान को सम्मान के साथ ले जाकर अंतिम संस्कार किया। इस दौरान 'भूप सिंह मीणा अमर रहे' के जयकारों से बानसूर गूंज उठा।
दिल्ली में गोली मारकर हत्या के शिकार हुए दिवंगत ITBP हेड कांस्टेबल भूप सिंह के सम्मान में बानसूर का रामपुरा गांव उमड़ पड़ा। उनका पार्थिव देह को ग्रामीणों ने नम आंखों से अंतिम विदाई दी। इस दौरान कस्बे के व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद रखीं। जवान भूप सिंह का शव देर रात उनके गांव पहुंचा। तो परिजनों में कोहराम और चीख पुकार मच गई। शुक्रवार दोपहर को सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। आईटीबीपी के अधिकारियों और उनके साथ आई टुकड़ी के जवानों ने उनकी देह को सलामी दी।
उद्योग मंत्री और बानसूर विधायक शकुंतला रावत अंत्येष्टि में पहुंचीं
इस दौरान उद्योग मंत्री और बानसूर से कांग्रेस विधायक शकुंतला रावत, भाजपा प्रदेश मंत्री महेंद्र यादव, डीएसपी सुनील जाखड़, एसडीएम राहुल सैनी सहित कई लोगों ने पुष्प चक्र अर्पित कर भूप सिंह को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उद्योग मंत्री शकुंतला रावत, भाजपा प्रदेश मंत्री महेंद्र यादव, मुकेश यादव, रामवतार मीणा, विजेंद्र यादव, हरफूल मीणा, रामवतार शर्मा, दयाराम यादव सहित सैंकड़ों की संख्या में जन सैलाब मौजूद रहा।
ग्रामीणों ने ITBP अधिकारियों पर उठाए सवाल
सुबह ग्रामीणों और परिजनों ने हेड कांस्टेबल भूप सिंह को शहीद का दर्जा देने और हत्या के आरोपी को फांसी की सजा दिलाने की मांग की। इस दौरान आईटीबीपी के अधिकारियों ने कहा कि आईटीबीपी अपने जवान के परिवार के साथ है। जो भी सहायता होगी की जाएगी।
पांच साल के बेटे ने दी मुखाग्नि
दिवंगत हेड कॉन्स्टेबल भूप सिंह के पांच साल के पुत्र जतिन ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान मौजूद सभी लोगों की आंखें नम हो गईं। यह नजारा देखकर मृतक जवान के परिजन और कई मित्र-परिचित फफक कर रो पड़े।
दो आईसीसी के अधिकारी लोकपाल सिंह के बेटे दिग्विजय सिंह ने गोली मारकर हत्या की
21 जून बुधवार को हेड कांस्टेबल भूप सिंह मीणा की सेकेंड आईसी के अधिकारी लोकपाल सिंह के बेटे दिग्विजय सिंह ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। हेड कांस्टेबल भूपसिंह अधिकारी के यहां कुक का काम करता था।