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अलवर मंदिर मामला: अतिक्रमण के नाम पर मंदिर ढहाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई, तीन निलंबित 

Tue, 26 Apr 2022 08:48 AM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

राजगढ़ में यह कार्रवाई 17 अप्रैल को की गई। दरअसल, मास्टर प्लान में कस्बे के गोल सर्किल से मेला का चौराहा के मध्य मार्ग में बाधा बने दुकानों और मकानों को ध्वस्त करने के लिए बुलडोजर चलाया गया। मंदिर को भी अतिक्रमण बताकर तोड़ दिया गया। 
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मुख्यमंत्री अशोक गहलोत। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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अलवर के राजगढ़ में 300 साल पुराने शिव मंदिर को ढहाने के बाद भाजपा के निशाने पर आई राजस्थान सरकार ने सख्त रुख अख्तियार किया है। गहलोत सरकार ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए राजगढ़ के उपखंड अधिकारी केशव मीणा को निलंबित कर दिया है। वहीं नगरपालिका ईओ बनवारीलाल मीणा और राजगढ़ नगरपालिका अध्यक्ष सतीश दुहरिया को भी निलंबित किया गया है।

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दरअसल, राजगढ़ में अतिक्रमण हटाने के नाम पर मंदिर पर ही बुलडोजर चला दिया गया था, जिसके बाद से भाजपा गहलोत सरकार पर हमलावर है। भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल मौके पर पहुंचकर अपनी जांच रिपोर्ट भी प्रदेशअध्यक्ष को सौंप चुका है। इसके बाद से राजस्थान प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। 

अतिक्रमण बताकर तोड़ा गया था मंदिर
राजगढ़ में यह कार्रवाई 17 अप्रैल को की गई। दरअसल, मास्टर प्लान में कस्बे के गोल सर्किल से मेला का चौराहा के मध्य मार्ग में बाधा बने दुकानों और मकानों को ध्वस्त करने के लिए बुलडोजर चलाया गया। मंदिर को भी अतिक्रमण बताकर प्रशासन की टीम बुलडोजर के साथ पहुंची और उन्होंने मंदिर के गुंबज को तोड़ दिया। इसके बाद शिवलिंग को कटर की मदद से काटा गया। इस दौरान हनुमान जी सहित अन्य देवी-देवताओं की मूर्ति तोड़ी गई है। यहां तीन मंदिरों को तोड़ा गया है। इससे करीब 300 साल पुराने शिव मंदिर की मूर्तियां खंडित हुई हैं। मंदिर तोड़े जाने की वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। 

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