जेल के बाहर हिंदू संगठनों ने की नारेबाजी।
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राजस्थान के श्रीगंगानगर के केंद्रीय कारागार में कैदियों से धर्म के आधार पर भेदभाव करने के आरोप लग रहे हैं। जमानत पर बाहर आए कैदियों ने बताया गया कि जेल में नवरात्र के दौरान कैदियों को मंदिर में दर्शन नहीं करने दिए जा रहा हैं। जबकि रोजेदारों को नमाज के लिए पूरी सुविधाएं दी जा रहीं हैं। इसे लेकर हिंदू संगठनों ने जेल अधीक्षक का पुतला जलाकर विरोध प्रदर्शन भी किया है। वहीं जेल अधीक्षक मोईनुद्दीन पठान ने इन आरोपों का पूरी तरह से खंडन किया है।
केंद्रीय कारागार से जमानत पर बाहर आए गिरधारी लाल गुप्ता और प्रतापसिंह शेखावत ने आरोप लगाया कि जेल में भेदवाद हो रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ कैदियों ने उन्हें बताया कि नवरात्र के दौरान मंदिर में पूजा-अर्चना नहीं करने दी जा रही है। रमजान के महीने में रोजा रखने वालों को सभी सुविधाएं दी जा रही हैं। इसे लेकर शनिवार को हिंदूवादी संगठनों ने जेल के सामने जेल अधीक्षक मोइनुद्दीन पठान का पुतला जलाकर विरोध प्रदर्शन किया।
भेदभाव के आरोप पर जेल अधीक्षक मोइनुद्दीन पठान ने कहा है कि किसी भी प्रकार से धार्मिक भेदभाव जेल में नहीं किया जा रहा है। किसी भी कैदी ने इस प्रकार की शिकायत नहीं की है। उपवास रखने वाले कैदियों को सभी सुविधाएं दी जा रहीं हैं। रोजा रखने वाले कैदी अपने धर्म के अनुसार कार्य कर रहे हैं। उन्होंने इन आरोप को पूरी तरह से निराधार बताया है। उधर, हिंदूवादी संगठनों ने जिला कलेक्टर के साथ-साथ जेल महानिदेशक कारागार और राज्य सरकार को शिकायती पत्र दिया है।