मृतक के परिजनों को मिले 41 लाख रुपये
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मृतक विशन दास के परिजनों के अधिवक्ता डॉ. मनोज आहूजा ने बताया कि जुलाई 2016 में रात को करीब एक बजे मृतक ऑटो में बैठकर जा रहा था, तभी बीएमडब्ल्यू कार के चालक सिद्धार्थ ने ऑटो के टक्कर मार दी थी, जिसके चलते मृतक विशन दास सहित दो अन्य व्यक्तियों की मृत्यु हो गई। उक्त घटना की प्राथमिकी दर्ज होने के पुलिस ने बाद अनुसंधान आरोपी कार चालक के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट पेश की और अनुसंधान से चालक का शराब पीना होना साबित हुआ।
प्रार्थी के अधिवक्ता डॉ. मनोज आहूजा ने उक्त दस्तावेजों के आधार पर विशन दास के विधिक प्रतिनिधियों की और से मांग पत्र प्रस्तुत कर क्षतिपूर्ति राशि की मांग की जिस पर बीमा कंपनी के अधिवक्ता ने वाहन के चालक द्वारा शराब पीया हुआ होने के कारण क्लेम अदायगी की जिम्मेदारी ड्राइवर मालिक की होने का अभिवचन लिया।
वाहन चालक की लापरवाही
इस संबंध में बीमा कंपनी के इन्वेस्टिगेटर के बयान करवाते हुए दस्तावेज पेश किए। जिसका खंडन करते हुए याचिकाकर्ता के अधिवक्ता डॉ. मनोज आहूजा ने कहा कि मृतक तृतीय पक्ष है, जिसकी कोई गलती नहीं होते हुए भी वाहन चालक की लापरवाही की वजह से उसे जान से हाथ धोना पड़ा।
क्लेम की राशि जमा करवाएं
वाहन मालिक तथा बीमा कंपनी के बीच हुई संविदा का उल्लंघन वाहन मालिक व ड्राइवर ने किया है, इसलिये मृतक के परिजनों को क्षतिपूर्ति राशि की अदायगी की जाए, इसके साथ ही अधिवक्ता मनोज आहूजा, भैरू सिंह राठौड़, कुमार अजीत ने मृतक की आय के संबंध में दस्तावेज भी पेश किये तथा उच्च न्यायालय की नजीरें भी पेश की। जिनसे सहमत होते हुए न्यायाधीश ने बीमा कंपनी को निर्देशित किया कि वो क्लेम की राशि जमा करवाएं, जो मृतक के परिजनों को देय होगी। तत्पशाचत बीमा कंपनी उक्त राशि ड्राइवर और मालिक से वसूल कर सकेगी।