विधायक वासुदेव देवनानी व अन्य।
- फोटो : Amar Ujala Digital
भगवान शिव की सवारी निकालने को लेकर विधायक वासुदेव देवनानी और अजमेर एसपी में कहासुनी हो गई। विधायक भगवान शिव की सवारी निकालने की अनुमति लेने एसपी के पास पहुंचे थें। इस दौरान एसपी ने विधायक को लताड़ लगा दी और आवाज नीचे करके बोलने की नसीहद दे डाली।
विधायक कल भगवान शिव की सवारी निकालने की अनुमति लेने के लिए एसपी के पास पहुंचे थे। हंगामें के बाद विधायक वासुदेव देवनानी और भाजपा शहर अध्यक्ष रमेश सोनी ने गहलोत सरकार पर तुष्टीकरण का आरोप लगाते हुए हिंदुओं के धार्मिक काम में भेदभाव की बात कही।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन सरकार के दबाव में काम कर रहा है। देवनानी ने कहा कि जब दूसरा समुदाय अनुमति चाहते हैं तो मिलती है, परंतु हमारे त्योहारों पर इनको तकलीफ होती है। देवनानी बोले कि मैं और मेरे साथी एसपी साहब के पास गए और नयी सड़क पर शिव जी की सवारी निकलने की अनुमती मांगी। इनके नियम है डीजे नहीं होगा, हमने माना। अनुमति लेनी होगी, हम तैयार हैं। फिर एसपी को क्या तकलीफ है, जो वो अनुमती नहीं दे रहे हैं। हमने उनसे कहा कि आप कारण बताओ तो एसपी बोले कि किसी नए काम की अनुमती नहीं मिलेगी। देवनानी ने आगे बताया कि कारण पूछने पर एसपी ने एक जन प्रतिनिधि को कहा कि आवाज नीचे करके बात करो, जबकि हम शालीनता से अनुमति मांग रहे थे। देवनानी ने कहा कि प्रशासन सरकार के दबाव में काम कर रहा है और सरकार साम्प्रदायिक सद्भाव के बहाने तुष्टिकरण कर रही है, जो बर्दास्त नहीं किया जाएगा।