अजमेर दक्षिण से भाजपा विधायक अनीता भदेल और जिला परिषद के सीईओ
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देश में अब कोरोना वायरस की दूसरी लहर की रफ्तार थमने लगी है लेकिन जब ये चरम पर थी, तब इसने देश में बहुत तबाही मचाई थी। दूसरी लहर के दौरान मरीजों में ऑक्सीजन की कमी हुई और मृतकों की संख्या तेजी से बढ़ी। हालांकि अब दूसरी लहर, जहां धीमी पड़ रही है तो राज्य में विधायक और जिला परिषद के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।
राजस्थान के अजमेर दक्षिण से भारतीय जनता पार्टी की विधायक अनीता भदेल ने ऑक्सीजन कंसंट्रेटर को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। अनीता भदेल का कहना है कि दूसरी लहर के दौरान अप्रैल में मैंने अपने विधायक निधि से 25 लाख रुपये की राशि आवंटित की थी, ताकि उससे ऑक्सीजन कंसंट्रेटर खरीदे जाएं, लेकिन 20 मई तक कोई खरीद नहीं हुई। अनीता भदेल ने जिला प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने ये ऑक्सीजन कंसंट्रेटर तब खरीदे, जब दूसरी लहर के दौरान कोरोना के मामले कम होने लगे।
कंसंट्रेटर की कीमत पर भी संदेह- विधायक
उन्होंने आगे कहा कि 10 लीटर के ऑक्सीजन कंसंट्रेटर खरीदने की जगह उन्होंने दो लीटर के ऑक्सीजन कंसंट्रेटर खरीदे। इन कंसंट्रेटर की कीमत 83,000 रुपये थी। अनीता भदेल ने आगे बताया कि दो लीटर के कंसंट्रेटर कोविड मरीजों के किसी काम के नहीं है, क्योंकि उन्हें कम से कम 10 लीटर ऑक्सीजन फ्लो की जरूरत होती है। वहीं दो लीटर वाले कंसंट्रेटर 24 घंटे भी नहीं चलते हैं। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि ये कंसंट्रेटर किसी अधिकृत कंपनी की ओर से नहीं बनाए गए हैं, इसलिए इसकी कीमत पर संदेह है।
जिला परिषद के सीईओ का जवाब
जिला परिषद के सीईओ का कहना है कि इस मामले पर उन्होंने कंपनी और विधायक के प्रतिनिधियों से अलग-अलग बात की है। हमें कंपनी से उत्तर भी मिल गया है। हालांकि ये फैसला लिया गया है कि इस मामले की जांच एक्सपर्ट डॉक्टर की ओर से की जाएगी। सीएमएचओ ने इस मामले की जांच के लिए तीन लोगों की टीम बनाई है, जो जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौपेंगे।