सावन के सोमवार के अवसर पर शहर के पुष्कर रोड रामनगर स्थित आयुर्वेद रसायनशाला में स्थित अर्जी वाले महादेव के मंदिर पर श्रावण मास के तीसरे सोमवार को भारी बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं का जन सैलाब उमड़ पड़ा।
अर्जी वाले महादेव का ये मंदिर लगभग 125 साल पुराना बताया जाता है। मान्यता है कि इस मंदिर पर श्रद्धालुओं के मन में जो अरदास रहती है, उसे पर्ची में लिखकर महादेव के चरणों में चढ़ाते हैं, जो पूरी होती है। सोमवार के दिन ज्यादा अर्जी लगाई जाती हैं। वैसे आम दिन भी लोग यहां अर्जी लगाने आते रहते हैं। कई श्रद्धालु ऐसे है जो इस मंदिर में 30-40 साल से आ रहे हैं और अपनी अर्जी महादेव के चरणों में चढ़ाते हैं।
मंदिर में शॉर्ट्स और हाफ पैंट पर है रोक
इस मंदिर में श्रद्धालुओं के प्रवेश के लिए एक नियम है। मंदिर के अंदर छोटे कपड़ों में प्रवेश वर्जित किया गया है। मंदिर में काफी समय से इस नियम को लागू किया गया है। मंदिर के संचालक ज्ञान प्रकाश कटारिया के अनुसार मंदिर में छोटे कपड़े पहन कर आने पर पाबंदी है।
काफी प्रसिद्ध है मंदिर
अजमेर का यह अर्जी वाले महादेव का मंदिर काफी प्रसिद्ध है। यहां पर अजमेर ही नहीं, बल्कि अपनी कामना लेकर अजमेर के बाहर के भी श्रद्धालु आते हैं। अर्जी वाले महादेव मंदिर में श्रद्धालु अपनी महादेव के चरणों में अपनी अर्जी लगाने आते है। देश के कई इलाकों से यहां पर श्रद्धालु आते हैं और अपनी अर्जी लगाते हैं।
मंदिर में होता है अनूठा शृंगार
मंदिर में अनूठा शृंगार भी किया जाता है। इस समय सावन माह चल रहा है तो अर्जी वाले महादेव मंदिर में काफी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आने का सिलसिला लगा रहता है। वहीं सोमवार को विशेष आयोजन मंदिर में किया जाता है। अर्जी वाले महादेव के मंदिर पर काफी संख्या में भीड़ जमा हो जाती है। सभी अपनी अर्जी में अपनी अरदास लिखकर भोले भगवान को पेश करते हैं। उनकी अर्जी पर सुनवाई होते ही वह भगवान के प्रसाद चढ़ाते हैं।