अखिल भारतीय आतंकवाद विरोधी मोर्चा के अध्यक्ष एमएस बिट्टा
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जोधपुर पहुंचे ऑल इंडिया एंटी टेररिस्ट फ्रंट के अध्यक्ष एमएस बिट्टा ने कहा कि कनाडा में पनप रहे खालिस्तान समर्थकों को मोदी सरकार को मुंह तोड़ जवाब देना चाहिए। इसके लिए हर भारतीय और विशेष कर सिख समुदाय को सरकार को समर्थन देना चाहिये।
एमएस बिट्टा ने कहा कि सिख समुदाय ने भारत की आजादी से पहले के बाद भी देशभक्ति के नायाब उदाहरण पेश किए हैं तो अब वे भारत को तोड़ने के मंसूबे रखने वाले खालिस्तान समर्थकों का विरोध क्यों नहीं कर रहे हैं?
एमएम बिट्टा ने जोधपुर प्रवास के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि कनाडा में खालिस्तान समर्थकों की ओर से भारतीयों और विशेष कर हिंदुओं पर किए जा रहे अत्याचार-हत्या के कनाडा सरकार जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि कनाडा के प्रधानमंत्री को जी-20 सम्मेलन में भारत सरकार समर्थन देती है और वे भारत में खालिस्तान बनाने के नाम पर वहां बसे कुछ असामाजिक तत्वों को समर्थन देकर हमारे देश अस्मिता और अखंड़ता से खिलवाड़ कर रहे हैं।
बिट्टा ने कहा भारत ने कनाडा से आने और जाने वाले लोगों के लिए वीजा पर प्रतिबंध लगा दिया है। सरकार वहां बसे भारतीयों को सुरक्षा देने के लिए अंतराष्ट्रीय स्तर पर पहल करेगी। उन्होंने कहा कि खालिस्तान समर्थक कुछ लोग पाकिस्तान के इशारे पर आतंकवाद फैला रहे हैं। देश के हिन्दू, मुस्लिम, सिख और ईसाई समाज के लोगों को इसका खुलकर विरोध करना चाहिए, क्योंकि धर्म से पहले सभी भारत के नागरिक है। सभी को देशभक्ति निभाकर देश की अखंडता से खिलवाड़ करने वाले लोगों को मुंहतोड़ जवाब देना चाहिए। आमजनता जब इसका विरोध शुरू करेगी तो सरकार को ताकत मिलेगी और वो खालिस्तान समर्थकों व उन्हें समर्थन देने वाले देशों को मुंहतोड़ जवाब देगी।
बिट्टा ने कहा कि अकाल तख्त और गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को भी आगे आकर खालिस्तानियों के खिलाफ बोलना चाहिए। सिक्ख कौम विभाजन के लिए नहीं, मजलुमों की मदद के लिए बनाई गई थी। उन्होंने कहा कि खालिस्तान कभी नहीं बनेगा। राष्ट्र प्रथम था है और हमेशा रहेगा। अब गलतियां करने का समय नहीं। इसस पहले हुए ऐसे ही आंदोलनों में 6 साल में 36 हजार लोगों की हत्या हुई थी।