बाल विवाह की रोकथाम के लिए की गई बैठक।
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जैसलमेर में बाल विवाह की रोकथाम के लिए अतिरिक्त जिला कलेक्टर हरि सिंह मीना ने अधिकारियों के साथ एक बैठक की। इसमें बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारियों के साथ हलवाई, कैटरिंग, टेंट हाउस सहित अन्य मौजूद रहे। हरि सिंह मीना ने कहा कि जैसलमेर को बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए सभी की सामुहिक जिम्मेदारी हैं। उन्होंने अक्षय तृतीया के पर्व पर होने वाले सम्भावित बाल विवाह की रोकथाम के लिए अधिकारियों को हर स्तर पर चौकस रहने के निर्देश दिए हैं।
अतिरिक्त जिला कलेक्टर ने अक्षय तृतीया और पीपला पूर्णिमा पर बाल विवाह की सम्भावना को ध्यान में रखते हुए जिला स्तर से लेकर ग्राम स्तर तक फील्ड स्टाफ को सतर्क रहने को कहा है। साथ ही बाल विवाह रोकथाम के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाने के भी निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम-2006 के तहत नाबालिग की शादी करवाने वाले पंडित, काजी, हलवाई, टेंट व्यवसायी, माता -पिता यां कोई भी व्यक्ति जो किसी भी रूप से बाल विवाह में सहयोग करता है। उसे कानून के तहत दोषी माना जाएगा। ऐसे में उसे 2 साल की सजा, एक लाख रुपये का जुर्माना याह दोनों से दंडित किया जा सकता है। इसके बारे में लोगों को अवगत कराएं।
बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक हिम्मत सिंह कविया ने बताया कि किसी भी व्यक्ति को जिले में कहीं पर भी बाल विवाह होने की जानकारी हो तो इसकी सूचना चाइल्ड हेल्प लाइन 1098 दें। साथ ही जिला प्रशासन के कंट्रोल रूम नंबर 02992-250082 पर भी इसकी सूचना दी जा सकती है।