महिला की एक तीन साल की बेटी भी
पुलिस पूछताछ में आरोपी शंकर ने कहा कि वह लड़की को लेकर जरूर गया था लेकिन उसने दुष्कर्म नहीं किया। पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की। जिसपर आरोपी ने कहा कि वह दुष्कर्म नहीं कर सकता है क्योंकि वह लड़की है। पुलिस को आरोपी पर विश्वास नहीं हुआ लेकिन लड़का बार-बार इस बात पर अड़ा रहा। उसके बाद पुलिस अधिकारियों ने आरोपी का मेडिकल करवाया। मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद सबके होश उड़ गए। जांच में सामने आया कि आरोपी लड़का नहीं औरत है। यहां तक की ये महिला करीब 3 साल पहले एक बच्चे को जन्म दे चुकी है। अब उसकी बेटी तीन साल की हो चुकी है।
मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद पुलिस ने रिपोर्ट लिखाने वाली लड़की और उसके परिजनों से पूछताछ की। जिसके बाद लड़की ने स्वीकार कर लिया कि उसने झूठा आरोप लगाया था। पुलिस ने नाबालिग लड़की का मेडिकल करवाया था, जिसकी रिपोर्ट अभी नहीं आई है।
आरोपी महिला को कोर्ट ने भेजा जेल
वहीं मेडिकल में आरोपी का औरत होने की बात सामने आने के बाद पुलिस ने दुष्कर्म का मामला झूठा पाया। हालांकि, पुलिस ने महिला को नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने का दोषी पाया। जिसके बाद पुलिस ने महिला को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
क्यों पुरुष बनकर रह रही थी महिला
पुरुष बनकर रह रही महिला ने बताया कि उसके माता-पिता की काफी समय पहले ही मौत हो चुकी थी। भाई ने उसे कहीं बेच दिया था। खरीदने वाले ने उससे शादी कर ली। उसकी तीन साल की एक बेटी भी है। पति के छोड़ने पर वह घऱ चलाने के लिए लड़का बनकर रहती थी।