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Rajasthan: चित्तौड़ फोर्ट पर निर्माणाधीन मकान का छज्जा गिरा, श्रमिक की मौत; परिजनों को दी गई सूचना

Mon, 29 Jul 2024 06:18 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्तौड़गढ़

सार

Rajasthan: विश्व विख्यात चित्तौड़ दुर्ग पर हो रहे अवैध निर्माणाधीन मकान का सोमवार दोपहर में छज्जा गिर जाने से निर्माण श्रमिक की मौत हो गई। लगातार अवैध निर्माणों को लेकर पुरातत्व विभाग ने भी जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और थाने में पत्र दिये हैं।
 
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क्षतिग्रस्त मकान का छज्जा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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चित्तौड़ फोर्ट पर निर्माणाधीन मकान का छज्जा गिरने से एक मजदूर की मौत हो गई। कई बार रिपोर्ट करने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से अवैध निर्माणों का सिलसिला लगातार जारी है। आज निर्माणाधीन मकान का छज्जा गिरने से यह बात और भी पुख्ता हो गई है कि दुर्ग पर अवैध निर्माण जोरों पर है। मृतक श्रमिक के शव को जिला चिकित्सालय की मोर्चरी में रखवा कर परिजनों को सूचना दी है। 

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जानकारी के अनुसार बिरला धर्मशाला के समीप मुरली माली के निर्माणाधीन मकान में काम चल रहा था। इस दौरान कुछ श्रमिक काम कर रहे थे। तभी भरभरा कर दीवार का एक हिस्सा और छज्जा नीचे गिर गया। इससे यहां काम कर रहे 27 वर्षीय भदेसर क्षेत्र के कन्नौज निवासी पूरण पुत्र घीसु रेगर की नीचे दबने से मौत हो गई। दीवार गिरने की आवाज आने पर आस-पास के लोग दौड़े और तुंरत नीचे दबे श्रमिक को बाहर निकाला और चिकित्सालय पहुंचाया। यहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी कोतवाली पुलिस को दी गई है। इधर जानकारी में सामने आया कि पुरातत्व विभाग ने अवैध निर्माणकर्ताओं को कई बार नोटिस दिये, लेकिन अवैध निर्माण का दौर बदस्तूर जारी रहा।

बताया जाता है कि जिस मकान पर निर्माण चल रहा था उसे भी पूर्व में नाेटिस दिया जा चुका है। पुरातत्व विभाग से मिली जानकारी के अनुसार एक दर्जन निर्माणकर्ताओं को कई बार नोटिस दिया जा चुका है और इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियो को भेजी है। पुलिस थाने में अवैध निर्माण सामग्री ले जाने के करीब एक दर्जन मामले कोतवाली में दिये गये, लेकिन एक भी एफआईआर दर्ज नहीं हुई। इसके कारण निर्माणकर्ताओं के हौंसले बुलंद है।
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कलेक्टर ने लगाई थी रोक
जानकारी के अनुसार ऐतिहासिक विरासत को बचाने और दुर्ग को संरक्षित रखने के उद्देश्य से तत्कालीन जिला कलेक्टर ने निर्माण सामग्री ले जाने पर रोक लगा दी थी। वर्ष 2020 में जिला कलेक्टर ने पाडनपोल पर पुलिस के जवान तैनात करने के आदेश दिये थे, लेकिन कुछ ही दिनों बाद यह आदेश हवा हो गए और पुलिस के नहीं रहने के कारण लगातार दुर्ग पर निर्माण सामग्री ले जाने का सिलसिला शुरु हो गया। पुरातत्व विभाग के अधिकारी बताते है कि पिछले कुछ समय से इन निर्माण कार्याें में और तेजी आ गई है। कई बार उच्चाधिकारियों को लिखने और प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराने और रिपोर्ट देने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से अवैध निर्माणों का सिलसिला लगातार जारी है।

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