टीकाराम जूली ने जलदाय कर्मचारियों की समस्याओं पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों की समस्याओं को सुनने के लिए तैयार नहीं है और उन्हें धरने की अनुमति भी नहीं दी जा रही। सांभर और झुंझुनू में कांवड़ियों से मारपीट की घटनाओं पर जूली ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि हिंदुत्व की बात करने वाली सरकार के राज में कांवड़ियों की पिटाई निंदनीय है, सिर्फ कांस्टेबल पर नहीं, बल्कि पूरे थाने पर कार्रवाई होनी चाहिए। जूली ने आरोप लगाया कि सरकार ने पुलिस प्रशासन को पूरी छूट दे रखी है।
बिजली कटौती को लेकर जूली ने कहा कि पहले जनता बिजली कटौती से परेशान थी, लेकिन अब विभाग ने नए चार्ज लगाकर जनता को लूटने का काम शुरू कर दिया है। सरकार विभिन्न योजनाओं के तहत जनता को ठग रही है। वन स्टेट, वन इलेक्शन के मुद्दे पर टीकाराम जूली ने कहा कि संविधान में 5 साल का कार्यकाल पूरा करना जरूरी है। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह चुनाव कराने से डर रही है। लोकसभा चुनाव में भाजपा की हार का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा भय के साए में है। मुख्यमंत्री के गृह जिले में जिला प्रमुख का पद खाली है, जो भाजपा के डर का संकेत है।