जगदीप धनकड़ ने विधायक संविधान के दायरे में काम करने और राज्यपाल संविधान के संरक्षण की शपथ लेते हैं। राज्यपाल पर संविधान की मर्यादा को बचाए रखने की भी जिम्मेदारी होती है। भारतीय राजनीति में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री सर्वोपरि होते हैं। उन्होंने कहा कि जो संसदीय परंपराओं के सर्वश्रेष्ठ मापदंड हो सकते हैं वे राजस्थान विधानसभा में हैं।
विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने राज्यपाल को पौधा भेंट किया।
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राज्यपाल की भूमिका एक्टिव और पेसिव दो तरह की होती है
विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने कहा कि राष्ट्रमंडल संसदीय संघ ने संसदीय परंपराओं को समझाने की एक श्रृंखला बनाई है। इस क्रम में संघ ने गणमान्यजन को आंमत्रित कर कई सेमिनारों का आयोजन किया है। उन्होंने कहा कि डॉ. आंबेडकर ने कहा था कि कानून कुछ भी बना लो, व्यक्ति जो उस जगह पर बैठा, उसकी भूमिका भी होती है। राज्यपाल की दो तरह की भूमिका होती है- एक्टिव और पेसिव। उन्होंने कहा कि धनकड़ एक्टिव भूमिका को संसदीय लोकतंत्र के सामने रख रहे हैं।
विस अध्यक्ष ने दिए नए आयाम
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि लोकतंत्र में सांसद और विधायकों पर एक जनप्रतिनिधि के रूप में अपने दायित्वों का निर्वहन करने के साथ ही विधि निर्माण की भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। राजस्थान में पक्ष और प्रतिपक्ष के बीच सौहार्द्रपूर्ण संबंध रहे हैं। इससे विधानसभा में विधायी कार्यों के संपादन और जनहित से जुडे़ विषयों पर निर्णय लेने में आसानी होती है। उन्होंने कहा कि जब से डॉ. सीपी जोशी विधानसभा अध्यक्ष बने हैं तब से उन्होंने सदन की गतिविधियों को नए आयाम दिए हैं।
सीएम अशोक गहलोत ने किया संबोधित।
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लोकतंत्र को मजबूत करना हमारा कर्तव्य
प्रतिपक्ष के नेता गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि सर्वश्रेष्ठ विधायकों का चयन उनकी योग्यता को देखते हुए किया गया है। उन्होंने कहा कि जनता के निर्णय के आधार पर इस देश के लोकतंत्र को मजबूत करना सदन के सभी सदस्यों का कर्तव्य है। संसदीय कार्य मंत्री शांती कुमार धारीवाल ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संघ द्वारा आयोजित इस प्रकार के आयोजनों से सदस्यों को संसदीय परंपराओं का ज्ञान होता है।
विधायक संयम लोढ़ा का सम्मान।
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