बेतहाशा बढ़ रहे दामों के बीच जयपुर में प्याज चोरी की घटना सामने आई है। जयपुर की मुहाना मंडी से चोर 4200 किलो प्याज चुरा ले गए। जयपुर में वर्तमान में प्याज की खुदरा कीमत 80 रुपए प्रति किलो चल रही है।
पुलिस के अनुसार चोरों की संख्या दो या दो से अधिक हो सकती है। जानकारी के अनुसार रविवार देर रात मुहाना मंडी में एक दुकान का ताला तोड़कर चोर 2.96 लाख रुपए की कीमत के 70 बोरी प्याज चुरा ले गए।
दुकान मालिक किशन अग्रवाल को रविवार को इस चीरी का पता चला। किशन को दुकान का ताला टूटा मिला और जब उसने भीतर जांच की, तो 70 बोरी कम पाई गईं। इन बारियों में 60-60 किलो प्याज भरा हुआ था। पुलिस जांच में पाया गया कि दुकान के बाहर वाहन के टायरों के निशान हैं।
पहले भी हो चुकी चोरी
प्याज चोरी की ऐसी ही एक घटना मुंबई के उपनगरीय इलाके में देखने को मिली थी। यहां एक दुकान से 50 हजार रुपये कीमत के 700 किलोग्राम प्याज की चोरी कर ली गई।
घटना की जानकारी मिलने के बाद दुकानदार बेहद दुखी थे। पुलिस ने बताया कि 55 वर्षीय अनंत नाइक की वडाला के प्रतीक्षा नगर इलाके में स्थित दुकान से शुक्रवार रात और शनिवार की सुबह के बीच 14 बोरी प्याज चोरी हो गया था।
डिप्टी पुलिस कमिश्नर धनंजय कुलकर्णी बताया था कि करीब 700 किलोग्राम प्याज चोरी हुआ था। पुलिस के अनुसार नाइक शुक्रवार रात करीब साढ़े नौ बजे प्याज का भंडार ढंक कर घर चले गए थे। हालांकि जब शनिवार सुबह वह वापस आए तो देखा तो प्याज की 14 बोरियां गायब हो गई थीं।
पुलिस ने कहा कि चोरी हुए प्याज की अनुमानित कीमत 50,000 रुपये हैं। कुलकर्णी ने बताया कि वडाला टीटी थाने में इस बाबत चोरी का तहत मामला दर्ज किया गया।
एशिया के सबसे बड़े प्याज बाजार महाराष्ट्र के लासलगांव में शनिवार को प्याज का थोक भाव 57 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गया था। इससे देश के अन्य हिस्सों में प्याज की कीमत और बढ़ने के आसार हैं। प्याज की खुदरा कीमत इस वक्त 80 रुपये किलो तक पहुंच चुकी है।
प्याज के पेस्ट और पाउडर के इस्तेमाल करने को कहा
एक ओर देश में प्याज की कीमतें आंखों में आंसू ला रही हैं, इसे कम करने के उपाय सुझाने के बजाय केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने इसके इस्तेमाल करने के तरीके पर सुझाव दिया था।
हरसिमरत कौर बादल ने प्याज के पेस्ट और पाउडर के इस्तेमाल करने को कहा था। केंद्रीय मंत्री हरसिमरत का कहना था कि जब प्याज की कीमतें कम होती है तब इसे पाउडर और पेस्ट के रूप में प्रसंस्कृत करके बरसात के दिनों के लिए सुरक्षित रखा जा सकता है।
केंद्रीय मंत्री का मानना था कि प्याज की कीमतें चक्रीय तरीके का अनुकरण करती हैं और इनकी कीमतें मानसून के दौरान बढ़ती हैं। इसलिए प्याज का प्रसंस्करण करके उपभोक्ताओं को ऊंची कीमतों के प्रभाव से बचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रसंस्करण प्याज व अन्य सब्जियों की कीमतों के प्रभाव को कम कर सकता है।