राजस्थान के नागौर जिले में 22 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने एक युवक से ऑडी दिलाने और रुपये उधार लेकर 22 लाख की ठगी कर दी। अब आरोपी कार लेकर फरार हो गए। ठगी का पता चलने पर युवक ने आरोपियों के बारे में पूछताछ की तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। पीड़ित युवक को पता चला कि आरोपी उसे जो कर बेच रहे थे वह फाइनेंस की थी। बता दें कि ठगी की वारदात को अंजाम देने वाले दोनों आरोपी आपस में सगे भाई है।
जानकारी के अनुसार एक महीने पहले नागौर में शिवबाड़ी के पास एक दुकान के मालिक विजय ओझा के पास मुंडवा के रहने वाले दो व्यक्ति आए। एक का नाम बसंत सैन और दूसरा उसका भाई देवेंद्र सैन था। देवेंद्र विजय का परिचित था। दोनों भाइयों ने विजय से सात लाख रुपये उधार मांगे।
रुपये उधार देने से पहले विजय ने उनसे गारंटी मांगी तो दोनों भाइयों ने अपनी ऑडी गाड़ी दिखाकर उसे आरसी दे दी। साथ ही स्टांप पर लिखा पढ़ी करवाकर पीड़ित विजय ने दोनों भाइयों को सात लाख रुपये दे दिए। इसके बाद आरोपी गाड़ी की पूजा पाठ करवाने के बहाने से उसे अपने मुंडवा ले गए। कई दिन तक दोनों भाई वापस नहीं आए तो उसने उन्हें कॉल, लेकिन दोनों में से किसी ने कॉल नहीं उठाया।
पीड़ित विजय ने जानकारी जुटाई तो उसे पता चला कि दोनों भाइ गांव छोड़कर चले गए हैं। विजय ने पुलिस को बताया कि इससे पहले बंसत सैन ने लिखा पढ़ी कर उससे 15 लाख उधार लिए थे। इस दौरान बसंत ने उसे बताया था कि वह एक अस्पताल शुरू होने वाला है। जिसके लिए एक करोड़ का लोन भी ले रहा है। जैसे ही उसके रुपये आ जाएंगे, वह रुपये लौटा देगा, लेकिन दोनों भाइयों ने अब तक कोई रकम नहीं लौटाई है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।