राजस्थान के कोटा में सोमवार को एक और छात्रा के आत्महत्या का मामला सामने आया है। दादाबाड़ी थाना इलाके के बसंत बिहार स्थित मां फलोदी हॉस्टल में रहने वाली 18 साल की शेम्बुल परवीन (18) अपने कमरे में फांसी लगा ली। वह पश्चिम चंपारण बिहार की रहने वाली थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने छात्रा के शव को कब्जे में लेकर एमबीएस हॉस्पिटल पहुंचा। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस उपाधीक्षक अमर सिंह ने बताया की मृतका छात्रा शेम्बुल परवीन (18) बसंत बिहार के मां फलोदी हॉस्टल में कमरा किराए पर लेकर रह रही थी। वह कोटा के प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थान एलेन से नीट की तैयारी कर रही थी। परीक्षा में कम नंबर आने के चलते वह मानसिक तनाव में थी। छात्रा ने हाल ही में अपने माता-पिता से हॉस्टल में अच्छा खाना नहीं मिलने की शिकायत भी की थी।
बताया जा रहा है कि छात्रा ने दो दिन पहले भी सुसाइड करने की कोशिश की थी, लेकिन वह ऐसा नहीं कर पाई। छात्रा ने हॉस्टल में अच्छा खाना नहीं मिलने की शिकायत की थी, ऐसे में उसके माता-पिता बिहार से कोटा आ गए। वे शेम्बुल के लिए दूसरा हॉस्टल देखने के लिए गए थे। इसी बीच उसने अपने कमरे में फांसी लगाकर आकर आत्महत्या कर ली।
शेम्बुल परवीन चार भाई-बहनों में सबसे छोटी थी। वह पिछले साल जून में ही कोटा आई थी। वह शहर के एक प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थान से नीट की तैयारी कर रही थी। उसके माता-पिता ने कहा कि शेम्बुल बचपन से ही पढ़ाई में होशियार थी। कभी सोचा नहीं था वो ऐसा कदम उठाएगी।
इधर, पिछले दो महीने से कोटा में आत्महत्याओं के मामले लगातर बढ़ रहे हैं। भाजपा नेता विधानसभा में भी इस मामल को उठा चुके हैं। ऐसे में जिला प्रशासन आत्महत्याओं को लेकर चिंतित है। सोमवार को प्रशासन ने कोचिंग संस्थानों के प्रतिनिधियों और हॉस्टल संचालकों की बैठक ली। इस बैठक में कोचिंग संस्थानों में मेडिकल काउंसलर की नियमित सेवा, हॉस्टलों की सतत मॉनिटरिंग सहित कई अन्य बातों पर सहमति बनी।