रास्ते में उसके जीजा का भाई आया और उसे जबरन ऑटो में बैठाकर अपने साथ बस स्टैंड ले गया। जहां से बस में बैठाकर जयपुर ले आया और यहां एक कमरे में बंद कर दिया। इस दौरान जीजा के भाई ने उसके साथ मारपीट की और जबरन शराब पिलाई। नशे की हालात में उसके साथ दुष्कर्म किया। शराब का नशा खत्म होने पर वह उसे शराब पिलाता और दुष्कर्म करता। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट भी की गई।
पीड़िता ने बताया, करीब तीन दिन बीत जाने के बाद उसका जीजा भी वहां आया। उसने कहा, तेरी बहन को छोड़ दिया है, अब इसका बदला लूंगा। इसके बाद उसने भी दुष्कर्म किया। जीजा का भाई खाना लेने गया तो उसे भागने का मौका मिल गया। वह वहां से भागकर स्टेशन पहुंची और ट्रेन के जरिए जयुपर आ गई। इसके बाद भी पीड़िता की पेरशानियां कम नहीं हुईं।
पीड़िता ने बताया, जयपुर रेलवे स्टेशन पर एक युवक से उसने कोटा जाने वाली ट्रेन के बारे में पूछा। मदद का भरोसा देकर युवक उसे ट्रेन में बैठाकर एक अन्य स्टेशन पर उतर गया। यहां से बस के जरिए सीकर ले आया। यहां फोन कर अपने दोस्त को बुलाया और फिर एक गांव में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया।
17 जून को सीकर पुलिस ने पकड़ा था
जानकारी के अनुसार सीकर पुलिस ने 17 जून को गश्त के दौरान दोनों युवकों और नाबालिग को देख लिया। इसके बाद उन्हें थाने ले गई, लेकिन इस दौरान पीड़िता ने पुलिस को कुछ नहीं बताया। बताया जा रहा है कि उस समय भी वह नशे में थी। इसके बाद शनिवार कोटा पुलिस ने पीड़िता को पकड़ा और बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया। यहां हुई काउंसलिंग के बाद पीड़िता ने अपनी आपबीती सुनाई है।
परिजनों ने थाने में दर्ज कराई थी गुमशुदगी
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार नाबालिग बेटी के लापता हो जाने के बाद उसके परिजनों ने तीन जून को उद्योग नगर थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज करवाई थी। पुलिस उसकी तलाश में लगी हुई थी। पीड़िता घर में में सबसे छोटी है। उसके दो भाई और एक बड़ी बहन है। 2014 बड़ी बहन की शादी में हुई थी। उसके दो बच्चे हैं, डेढ़ महीने पहले बेटा होने के बाद उसके पति ने उसे छोड़ दिया है। वह अभी अपने मायके में ही रह रही है। पुलिस नाबालिग पीड़िता का मेडिकल और पूरे बयान होने के बाद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करेगी।