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Punjab: ट्रेवल एजेंट ने धोखे से भेजा इराक, संत सीचेवाल के प्रयास से विदेश में फंसी दो लड़कियां वतन लौटीं

Sun, 06 Aug 2023 09:57 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर लोधी,कपूरथला (पंजाब)

सार

पंजाब की दो लड़कियां बहुमुश्किल वतन लौटीं हैं। अधिक आय का सपना दिखा इराक में बेचने का आरोप लगाया है। पीड़ित लड़कियों ने निर्मल कुटिया सुल्तानपुर लोधी पहुंचकर संत सीचेवाल का शुक्रिया अदा किया।
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बलबीर सिंह सीचेवाल
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विस्तार
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पिछले दो महीने से इराक में फंसी 2 पंजाबी बेटियों को राज्यसभा सदस्य और पर्यावरणविद संत बलबीर सिंह सीचेवाल के प्रयास से भारत वापस लाया गया है। पीड़ित लड़कियों ने निर्मल कुटिया सुल्तानपुर लोधी पहुंचकर संत सीचेवाल का शुक्रिया अदा किया और कहा कि अगर भारतीय दूतावास ने हमारी मदद न की होती तो नरकीय जिंदगी से बाहर निकलना नामुमकिन होता। पीड़ित लड़कियों ने अपनी दास्तां सुनाते हुए कहा कि उनके रिश्तेदारों और ट्रैवल एजेंटों ने उन्हें ऐसे सपने दिखाए कि वे इन ठगों के जाल में फंस गईं।

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कपूरथला निवासी सीमा (बदला हुआ नाम) ने बताया कि उनकी रिश्तेदार मीरा नामक महिला ने घरेलू काम बताकर ग्रीस भेजने का झांसा दिया और मोटी तनख्वाह का भी लालच दिया। लेकिन मीरा ने ग्रीस भेजने के बजाय धोखे से इसे इराक भेज दिया और वहां एक कंपनी को बेच दिया।

उनका पासपोर्ट भी जब्त कर लिया गया। उन्होंने कहा कि जहां उन्हें रखा गया था, वह एक कार्यालय था। उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया। उनके पिता को लकवा मार जाने के कारण घर चलाना मुश्किल हो गया। इसलिए उसने मीरा की बात मानकर विदेश जाने का फैसला किया।
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उसके साथ लौटी जिला फिरोजपुर की लड़की हेमा (बदला हुआ नाम) ने बताया कि उसे भी मीरा ने हांगकांग में मोटी सैलरी का लालच दिया था। लेकिन उसे इराक भेजकर वहां बेच दिया गया। उन्होंने कहा कि जिस कार्यालय में उन्हें रखा गया था, वहां उन लोगों ने काफी अत्याचार किया।

हेमा ने दावा किया कि इराक में उनकी तरह 30 से 40 लड़कियां फंसी हुई हैं, जिन्हें ग्राहकों के सामने पेश किया जाता है और उनसे जबरदस्ती गलत काम कराया जाता है। दोनों लड़कियों ने कहा कि उनके परिवारों ने कुछ दिन पहले पर्यावरणविद और राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल से संपर्क किया था।

उन्होंने तुरंत इस मामले को विदेश मंत्रालय और इराक में भारतीय दूतावास के समक्ष उठाया। लड़कियों ने बताया कि हमारे परिवार ने रिश्तेदारों से पैसे इकट्ठा करके उन्हें भेजा था। संत सीचेवाल ने कहा कि दोनों लड़कियों के पीड़ित परिवारों ने कुछ दिन पहले उनसे संपर्क किया था।

ट्रैवल एजेंट द्वारा उन्हें छोड़ने के लिए 10 से 12 लाख रुपये की मांग की जा रही है। इसके तुरंत बाद उन्होंने एक पत्र के जरिये इस मामले को विदेश मंत्रालय के ध्यान में लाया। जिस पर भारतीय दूतावास और विदेश मंत्रालय ने तुरंत कार्रवाई की और ये लड़कियां करीब 20 दिनों में बिना पैसे दिए अपने घर लौट आई।

उन्होंने पंजाब के लोगों से फिर अपील की है कि अरब देशों में ट्रेवल एजेंटों के हाथों ठगी गई महिलाओं का शोषण जारी है। अपनी लड़कियों को बाहर भेजने से पहले एजेंटों और वहां की स्थितियों के बारे में पूरी जांच-पड़ताल कर लेनी चाहिए।

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