मजदूरी करके गुजारा करते हैं परिजन
इस दर्दनाक हादसे में जान गवाने वाला बच्चे नरेंद्र महतो उर्फ रोहित (11) पुत्र अर्जुन महतो चौथी कक्षा में पढ़ता था। जबकि बाद में दम तोड़ने वाला विकी चौधरी (7) पुत्र अर्जुन चौधरी थी। तीसरे मृतक बच्चे की पहचान महेंद्र (7) पुत्र स्वर्गीय रामदुलार के रूप में हुई है। तीनों परिवार मूलरूप से झारखंड के जिले साहिबगंज के रहने वाले हैं।
वहीं हादसे में बाल-बाल बचने वाला पवन (10) पुत्र बहारन पहली कक्षा का विद्यार्थी था। पवन का परिवार बिहार का रहने वाला है। ट्रेन की चपेट में आने वाले बच्चों के परिजनों ने रोते बिलखते बताया वह प्रवासी मजदूर हैं और झुग्गी झोपड़ियों में रहकर परिवार को पाल रहे हैं। वहीं लोगों ने पंजाब सरकार से पीड़ित परिजनों को आर्थिक मदद देने की गुहार लगाई है।
रविवार की छुट्टी के कारण निकले थे बेर खाने
घटना के बारे में सीमा निवासी दाना मंडी ने बताया कि जो बच्चा हादसे में बचा है, उसने अपने परिजनों को बताया कि रविवार को स्कूल से छुट्टी होने के कारण वह रेल पटरी के किनारे लगी झाड़ियों में बेर खाने पहुंचे थे। अचानक रेलगाड़ी आ गई। आनन-फानन वह एक साइड पर गिर गया, जबकि दूसरे बच्चे गाड़ी की चपेट में आ गए।
हादसा इतना भयानक था कि बच्चों के शव और रेल की पटरी पर चारों ओर खून बिखरा था। मौके पर एकत्रित लोगों के सहयोग से परिजनों ने मुश्किल से बच्चों के शवों को संभाला और रेलवे विभाग की पुलिस के एएसआई जगजीत सिंह ने घटनास्थल का जायजा लिया।
उन्होंने बताया कि स्टेशन मास्टर से जानकारी मिली कि गाड़ी की चपेट में आने से बच्चों की मौत हुई है। उन्होंने मृतक बच्चों के शव पोस्टमार्टम के लिए कब्जे में ले लिए हैं। 174 की कार्रवाई कर परिजनों को बच्चों के शव सौंपे जाएंगे।
ट्रेन को रोककर एक बच्चे को बचाने की कोशिश की
वहीं रेलवे स्टेशन कीरतपुर साहिब के स्टेशन मास्टर रोदास सिंह के मुताबिक जिस रेलगाड़ी से हादसा हुआ वह लगभग 11:15 बजे भरतगढ़ रेलवे स्टेशन से कीरतपुर साहिब की ओर आई थी। घटनास्थल पर रेलगाड़ी को रोक लिया गया। ड्राइवर संजीव कुमार और गार्ड समंदर कुमार ने उन्हें सूचित किया। इसके बाद उन्होंने 108 पर एंबुलेंस को रेलवे स्टेशन कीरतपुर साहिब पर मंगवा लिया। ड्राइवर और गार्ड ने गंभीर रूप से घायल बच्चे को रेलगाड़ी के माध्यम से कीरतपुर साहिब स्टेशन पहुंचाया। इसके बाद उपचार के लिए सिविल अस्पताल श्री आनंदपुर साहब भेजा गया लेकिन उसे बचा नहीं सके।