विरोध करने आए किसान नेताओं ने प्रशासन से मांग की कि इन किसानों और मजदूरों से जमीन के डीसी रेट के हिसाब से पैसे लेकर मकानों की रजिस्ट्री इन लोगों के नाम पर की जाए। अगर प्रशासन दोबारा फिर से कारवाई के लिए आता है तो विरोध आंदोलन का सामना करना पड़ेगा।
भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के सुनाम ब्लॉक ने मंगलवार को गांव फतेहगढ़ गंडुआं में मकानों के वारंट कब्जे को रुकवा दिया। विरोध प्रदर्शन के बाद अधिकारी बैरंग लौट गए।
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किसान यूनियन के नेताओं ने कहा कि एक तरफ सरकार लोगों के लिए मकान बनाने का वादा करती है और दूसरी तरफ मकानों के वारंट कब्जे करने की कोशिश की जा रही है। मकानों को तोड़ने के लिए बुलडोजर चलाए जा रहे हैं। सुखपाल सिंह माणक ने बताया कि किसान यूनियन एकता उगराहां को जब प्रशासन की इस कार्रवाई की भनक लगी तो 25-30 किसान कार्यकर्ता इकट्ठा हुए और प्रक्रिया को रोककर नारेबाजी की।
वारंट कब्जा लेने आए प्रशासन के अधिकारियों को बैरंग लौटने पर विवश किया गया। प्रशासन से मांग की गई कि इन किसानों और मजदूरों से जमीन के डीसी रेट के हिसाब से पैसे लेकर मकानों की रजिस्ट्री इन लोगों के नाम पर की जाए। अगर प्रशासन दोबारा फिर से कारवाई के लिए आता है तो विरोध आंदोलन का सामना करना पड़ेगा। मकानों का वारंट कब्जा किसी भी हालत में नहीं होने दिया जाएगा। इस अवसर पर नेता सुखपाल सिंह माणक, अजैब सिंह जखेपल के अलावा गांव फतेहगढ़, गंटुआं, घोरेनब और गांव फलेडा की इकाईयों के सदस्य उपस्थित थे।