पंजाब में महिलाओं पर एसिड अटैक की बढ़ती घटनाओं के बाद भी राज्य सरकार इस गंभीर मुद्दे पर कोई नीति नहीं बना सकी है।
पंजाब सरकार ने 10 मई 2013 को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में शपथपत्र देकर कहा है कि मुख्यमंत्री ने एसिड अटैक की घटनाओं को रोकने के लिए एक पालिसी बनाई है जिसे कैबिनेट से मंजूर करानी है।
इस गंभीर मुद्दे पर इतनी बड़ी लापरवाही बरते जाने पर हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है।
राज्य सरकार ने शपथ पत्र में कहा है कि एसिड अटैक से पीड़ित महिला को तीन लाख मुआवजा और मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी और इसके अलावा आरोपी के खिलाफ भी कड़ी सजा का प्रावधान रखा गया है, लेकिन यह पॉलिसी अब तक कैबिनेट से मंजूर नहीं हो सकी है।
पंजाब में एसिड अटैक की घटनाएं बढ़ रही हैं और 5 अक्तूबर 2013 को जालंधर में एक कांग्रेसी नेता की पत्नी पर कुछ व्यक्तियों ने एसिड फेंका था, जिससे उसकी आंखों की रोशनी चली गई थी।