दिल्ली स्थित अंतरराष्ट्रीय ड्रग रैकेट के किंगपिन देव बहल के तार माफिया डॉन दाऊद इब्राहिम और उसके भाई अनीस से जुड़े हैं।
पंजाब पुलिस का दावा है कि देव बहल दाऊद के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की तस्करी भी करता था। अभी तक की जांच मे सामने आया है कि दिल्ली के सिंथेटिक ड्रग रैकेट ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 2000 करोड़ रुपये की ड्रग तस्करी की है।
पटियाला के एसएसपी हरदयाल सिंह मान ने बताया कि दाऊद क ी देखरेख में बहल ने वर्ष 1983-88 तक उसके भाई अनीस के साथ सोने की तस्करी करता रहा।
सोने की तस्करी के मामले में बहल कई बार दाऊद और उसके भाई अनीस से मिला। वर्ष 1988 में दाऊद के साथ गठजोड़ टूटने के बाद भी बहल दाऊद से संबंध बनाए हुए था और दुबई में उसके साथ कई बार मीटिंग भी हुई थी।
उन्होंने खुलासा किया कि बहल-दाऊद का गठजोड़ हर महीने 8-10 किग्रा सोने की तस्करी करता था।
बहल ने पूछताछ में पुलिस कोे बताया कि धंधे में अनीस के साथ अनबन और सोना तस्करी में प्राफिट की कमी के कारण बहल ने इस धंधे से खुद को अलग कर लिया।
इसके बाद उसने कारों की खरीद बिक्री का धंधा शुरू कर कालेधन को सफेद बनाने में जुटा रहा। यह धंधा ज्यादा दिन नहीं चला और वर्ष 2000 में बहल ने ड्रग की तस्करी शुरू कर दी।
सोने की तस्करी में अकूत धन इकट्ठा करने के बाद बहल ने ड्रग का काम शुरू किया और काफी मात्रा में एफिड्रिन, स्यूडोफेड्रिन, केटामाइन आदि खरीदने लगा। इन केमिकल की मदद से वह भारी मात्रा में सिंथेटिक ड्रग आइस बनाने लगा।
1500 सौ करोड़ के आर्डर धरे रह गए
बहल ने करीब 1500 किग्रा केमिकल खरीद कर हिमाचल और अन्य जगहों पर स्थिति फैक्ट्रियों में आइस बनाई और उसे कनाडा भेजा।
वर्ष 2004 में उसने हैदराबाद से 700 किग्रा स्यूडोफेड्रिन हासिल कर उससे आइस बनाई और उसे अंतरराष्ट्रीय मार्केट में बेचा।
पूछताछ में पता चला है कि बहल के पास नैरोबी के रास्ते अंतरराष्ट्रीय मार्केट में भेजने के लिए 1500 करोड़ का आर्डर था।