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Punjab Election Results 2022: अपनी पार्टी की हार में विलेन बने नेता, खुद की सीट बचा पाना भी हो रहा मुश्किल

Thu, 10 Mar 2022 12:03 PM IST
भूपेंद्र सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पंजाब

सार

पंजाब विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी दिल्ली की तरह एकतरफा सरकार बनाते नजर आ रही है। मतगणना अभी जारी है। इसमें सबसे ज्यादा नुकसान पांच साल सत्ता में रही कांग्रेस को होता नजर आ रहा है। 
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चरणजीत सिंह चन्नी, नवजोत सिंह सिद्धू, कैप्टन अमरिंदर सिंह - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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पंजाब विधानसभा चुनाव-2022 में आम आदमी पार्टी भारी बहुमत के साथ सरकार बनाती नजर आ रही है। अगर मतगणना के ट्रेंड चुनावी नतीजों में बदलते हैं तो निश्चित तौर पर कांग्रेस नेताओं की आपसी कलह का फायदा आप को मिलेगा। कांग्रेस के जिन नेताओं में आपसी खींचातानी थी अब वो भी अपनी सीटों पर हारते नजर आ रहे हैं।

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कांग्रेस ने 2017 में 76 सीट जीती थी, लेकिन 2022 में 20 से भी कम पर सिमटती नजर आ रही है। वहीं अकाली दल का भी यहीं हाल दिख रहा है। वहीं आम आदम पार्टी 91 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है।  आम आदमी पार्टी की जीत के पीछे लोगों में किसी नए को मौका देने की ललक भी नजर आती है। जानते हैं इन परिणामों के पीछे क्या-क्या कारण है।

सिद्धू का पार्टी में कद बढ़ा तो कैप्टन ने छोड़ी कांग्रेस, चन्नी पर भी हमलावर रहे सिद्धू,  अब तीनों को सीट बचाना हो रहा मुश्किल
पंजाब के पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने 2017 में कांग्रेस को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी, लेकिन नवजोत सिंह सिद्धू के का पार्टी में कद बढ़ता गया और केंद्र ने भी सिद्धू पर भरोसा जताया, जिसका कारण यह रहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सीएम पद के साथ-साथ कांग्रेस को भी छोड़ दिया और अलग पार्टी बनाकर भाजपा से गठबंधन कर लिया। लेकिन शुरुआती रुझानों के अनुसार कैप्टन अमरिंदर सिंह पटियाला सीट से तो सिद्धू अमृतसर ईस्ट से पीछे चल रहे हैं। अगर दोनों नेता हार जाते हैं तो एक ओर जहां नवजोत सिंह सिद्धू का पार्टी में कद घटेगा तो दूसरी और अमरिंदर सिंह के राजनीतिक कद पर असर पड़ेगा।
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कैप्टन के इस्तीफे के बाद सिद्धू सीएम बनना चाहते थे लेकिन पार्टी ने सिद्धू की बजाय चरण जीत सिंह चन्नी को सीएम बनाया। इसके बाद सीएम फेस भी चन्नी को ही घोषित कर दिया गया। चुनाव के दौरान दोनों दिग्गजों ने एक दूसरे का समर्थन करने की बात तो कही लेकिन बावजूद इसके सिद्धू ने कभी सीएम के वायदों को झूठा बताया तो कभी चन्नी के गरीब होने पर सवाल उठा दिए। चन्नी ने दो सीटों से पर्चा भरा लेकिन वह भी अपनी सीटें बचाने में कामयाब होते नहीं दिख रहे हैं। हालांकि अभी मतगणना जारी है।  

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