फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स

भगवंत मान की कहानी : 2012 में पहला चुनाव हारे, सांसद बने तो पत्नी अलग हो गईं, जानें पंजाब के नए मुख्यमंत्री का सफर

इलेक्शन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु मिश्रा Updated Thu, 17 Mar 2022 09:45 AM IST

सार

पंजाब के लिए आज (16 मार्च) का दिन ऐतिहासिक है। आजादी के बाद पहली बार ऐसा हुआ जब राज्य में कांग्रेस और अकाली दल दोनों की पंजाब की सत्ता में हिस्सेदारी नहीं है। आम आदमी पार्टी के भगवंत मान ने राज्य के 25वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। 
विज्ञापन
विज्ञापन
पंजाब विधानसभा चुनाव 2022 - फोटो : अमर उजाला
आम आदमी पार्टी के भगवंत मान ने बुधवार को पंजाब के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। पेशे से कॉमेडियन, एक्टर रहे भगवंत ने 2011 में राजनीति में एंट्री की थी। 2012 में विधानसभा चुनाव लड़े लेकिन हार गए। 2014 में पहली बार संगरूर से लोकसभा चुनाव जीतकर संसद पहुंचे। 2019 के लोकसभा चुनाव में आप से जीते अकेले सांसद भगवंत मान अब धूरी से विधायक हैं। उन्हें लोग जुगनू भी कहते हैं। पढ़िए जुगनू के जिंदगी के सफर की पूरी कहानी... 

बीकॉम की पढ़ाई बीच में छोड़ दी
भगवंत मान का जन्म 17 अक्टूबर 1973 को पंजाब के संगरूर जिले के सतोज गांव में हुआ था। मान ने 12वीं तक की ही पढ़ाई की है। इसके बाद साल 1992 में शहीद उधम सिंह गवर्नमेंट कॉलेज में बीकॉम (B.com) करने के लिए एडमिशन तो लिया था लेकिन पढ़ाई पूरी नहीं हो सकी। मान को जुगनू नाम से भी पुकारते हैं। वह एक प्रसिद्ध पंजाबी कॉमेडियन भी रह चुके हैं। मान ने मशहूर कॉमेडियन कपिल शर्मा के साथ द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज नाम के टीवी शो में भी भाग लिया था।  
विज्ञापन

पंजाब विधानसभा चुनाव 2022 - फोटो : अमर उजाला
आम आदमी पार्टी के भगवंत मान ने बुधवार को पंजाब के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। पेशे से कॉमेडियन, एक्टर रहे भगवंत ने 2011 में राजनीति में एंट्री की थी। 2012 में विधानसभा चुनाव लड़े लेकिन हार गए। 2014 में पहली बार संगरूर से लोकसभा चुनाव जीतकर संसद पहुंचे। 2019 के लोकसभा चुनाव में आप से जीते अकेले सांसद भगवंत मान अब धूरी से विधायक हैं। उन्हें लोग जुगनू भी कहते हैं। पढ़िए जुगनू के जिंदगी के सफर की पूरी कहानी... 

बीकॉम की पढ़ाई बीच में छोड़ दी
भगवंत मान का जन्म 17 अक्टूबर 1973 को पंजाब के संगरूर जिले के सतोज गांव में हुआ था। मान ने 12वीं तक की ही पढ़ाई की है। इसके बाद साल 1992 में शहीद उधम सिंह गवर्नमेंट कॉलेज में बीकॉम (B.com) करने के लिए एडमिशन तो लिया था लेकिन पढ़ाई पूरी नहीं हो सकी। मान को जुगनू नाम से भी पुकारते हैं। वह एक प्रसिद्ध पंजाबी कॉमेडियन भी रह चुके हैं। मान ने मशहूर कॉमेडियन कपिल शर्मा के साथ द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज नाम के टीवी शो में भी भाग लिया था।  

मनप्रीत बादल राजनीति में लेकर आए 

भगवंत मान सिंह - फोटो : अमर उजाला
मान ने राजनीतिक सफर की शुरुआत मनप्रीत सिंह बादल की पंजाब पीपल्स पार्टी से की थी। मनप्रीत बादल पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के भतीजे हैं। परिवार में जब राजनीतिक विरासत को लेकर विवाद हुआ तो मनप्रीत ने मार्च 2011 में अपनी पार्टी बना ली। उसी वक्त भगवंत इस पार्टी में शामिल हुए। साल 2012 में लहरा विधानसभा सीट से भगवंत मान चुनाव लड़े। उनका चुनाव निशान था पतंग, लेकिन मान की पतंग सफलता की उड़ान नहीं भर सकी। उन्हें हार का सामना करना पड़ा। 
2012 के विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद मनप्रीत बादल नया रास्ता तलाशने लगे। 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने कांग्रेस का हाथ थाम लिया। भगवंत मान को ये पसंद नहीं आया। मान ने अपना रास्ता बदल लिया और मार्च 2014 को मान आम आदमी पार्टी में आ गए। केजरीवाल ने उन्हें संगरूर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ाया और वह जीत भी गए।  

केजरीवाल ने भगवंत मान को कट्टर ईमानदार बताया था
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक टीवी शो में था कहा था कि अगर भगवंत मान से बेहतर कोई कट्टर ईमानदार चेहरा पंजाब के मुख्यमंत्री के लिए है तो बताओ? जब पंजाब में सभी बड़े नेता रेता चोरी करते हैं तब 7 साल से सांसद भगवंत मान पर एक भी आरोप नहीं है। वे किराए के घर में रहते हैं।

सांसद बने तो पत्नी अलग हो गईं
एक यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में भगवंत मान ने अपने परिवार के बारे में जानकारी दी थी। उन्होंने बताया कि जब तक वह कॉमेडियन थे, तब तक परिवार को खूब समय देते थे। 2014 में लोकसभा चुनाव लड़कर जीते। इसके बाद से वह पत्नी और बच्चों को ज्यादा समय नहीं दे पाते थे। जनता के बीच उनका ज्यादा वक्त गुजरता था। यही कारण है कि 2015 में उनकी पत्नी उनसे अलग हो गईं। अब पत्नी और बच्चे अमेरिका में रहते हैं। वह अकेले ही दिल्ली और अपने पंजाब स्थित घर में रहते हैं। मान कहते हैं, अब मेरे पंजाब के लोग ही मेरा परिवार हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next