जीते जी अपनी छठी बरसी मनाते हरभजन सिंह
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पंजाब के फतेहगढ़ साहिब के गांव माजरी सोढियां के 86 वर्षीय एक बुजुर्ग हरभजन सिंह ने जीते जी अपनी छठी बरसी मनाई है। हरभजन सिंह मंडी गोबिंदगढ़ की एक लोहा इकाई में मजदूरी करते हैं और चार बेटियों के पिता हैं जो शादीशुदा हैं। हरभजन सिंह श्री गुरु ग्रंथ साहिब में विश्वास रखते हैं।
रविवार को उन्होंने अपने गांव माजरी सोधियां में छठी बरसी मनाई है। घर में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पाठ का भोग डाला गया उपरांत राखी सिंह ने कीर्तन किया फिर हरभजन सिंह ने 11 कन्याओं को भोजन करवाया और पांच जरूरतमंद लोगों को गर्म कंबल भी बांटे।
हरभजन सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि उनका मकसद समाज को जागरूक करना है, क्या कलयुग का प्रभाव बहुत ज्यादा है, इसलिए हम अपने हाथों से जो काम करते हैं, उसके साथ ही जहां हम दान करते हैं, उससे ही हमें संतुष्टि मिलती है। हमें जीते जी पुण्य के कार्य करने चाहिए। हमें अपना जीवन व्यर्थ नहीं करना चाहिए, हमें अपना शेष जीवन गुरबाणी से जुड़कर बिताना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज का भोग उनकी पुण्य तिथि का छठा भोग है। ऐसा प्रयास में हर साल करते आ रहे हैं। जब तक जीवित रहेंगे, ये कार्य होते रहेंगे।
हरभजन सिंह के भोग पर कुछ राजनीतिक लोगों ने भी हिस्सा लिया। इस मौके पर मार्केट कमेटी सरहिंद के चेयरमैन गुरविंदर सिंह ढिलो और शिरोमणि अकाली दल अमृतसर के कार्यकारी सदस्य कुलदीप सिंह पहलवान विशेष रूप से शामिल हुए।
उन्होंने कहा कि अगर आप हरभजन सिंह के जीवन पर नजर डालेंगे तो आपको पता चलेगा कि इस परिवार ने कितना कुछ सहा है, लेकिन फिर भी उनके हौंसले बुलंद हैं। वे हमेशा गुरु ग्रंथ साहिब में आस्था रखते हैं और उनके दिखाए रास्ते पर चलते हैं। वह समाज को केवल यही संदेश देना चाहते हैं।