गभर्वती पत्नी को दिखाने का झांसा देकर घर बुलाई दाई से गैंगरेप किया गया। मामले के तीन आरोपियों पर मंगलवार पर आरोप तय करते हुए जज ने उन्हें सजा सुनाई।
एडिशनल सेशन जज फाजिल्का जेपीएस खुरमी की अदालत ने गैंगरेप के तीन आरोपियों को 10-10 वर्ष की कैद व जुर्माने की सजा सुनाई।
यहां के एक गांव की निवासी गैंगरेप की पीड़ित ने थाना बहाववाला पुलिस को दिए बयानों बताया था कि वह दाई का काम करती है।
5 जुलाई 2011 को राजिंदर कुमार वासी गांव रामसरा उसके पास आया और उसे यह कहकर अपने साथ ले गया कि उसकी पत्नी को बच्चा होने वाला है।
राजिंदर कुमार उसे घर की बजाए गांव भागू रोड पर मनोज कुमार कड़वासरा के बाग में ले गया।
पीड़ित ने बताया कि उपरोक्त बाग में राजिंदर के अलावा दो अन्य रघुवीर व बंसी लाल मौजूद थे। उन्होंने उसके साथ दुष्कर्म किया। वह सुबह उनके चंगुल से छूटकर गांव के सरपंच चौधरी प्रदीप न्यौल के पास पहुंची और उन्हें पूरी घटना से अवगत करवाया।
इसके बाद पुलिस ने पीड़ित के बयानों पर तीनों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। न्यायाधीश जेपीएस खुरमी की अदालत ने तीनों आरोपियों राजिंदर कुमार, बंसी लाल तथा गांव रामसरा के पूर्व सरपंच साहब राम के बेटे रघुवीर सिंह को दोषी मानते हुए 10-10 वर्ष की कैद व जुर्माने की सजा सुनाई।