पटियाला में मंडी आए गेहूं की पैकिंग करने में लगे मजदूर।
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पंजाब में इस साल गेहूं की बंपर फसल होने जा रही है। केंद्र सरकार की ओर से 110 लाख टन गेहूं की खरीद करने का लक्ष्य रखा गया था लेकिन संभावना है कि यह आंकड़ा बढ़ कर 125 लाख टन के पार चला जाएगा। मिनी सचिवालय में गेहूं की खरीद संबंधी पटियाला-संगरूर जिलों की खरीद एजेंसियों व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी व पंजाब एग्रो फूड कारपारेशन के प्रबंधकीय निदेशक केएस पन्नू ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि पिछले साल मौसम की मार के विपरीत इस साल हर पक्ष से वातावरण सकारात्मक है। गेहूं की न केवल गुणवत्ता बढ़िया है अपितु उपज भी खासी अधिक है। पन्नू ने कहा कि गेहूं की लिफ्टिंग 72 घंटे के बजाय अब 48 घंटे में की जाएगी। जहां कहीं संसाधनों की कमी है वहां जरूरत पड़ने पर आढ़ती ट्रालियों का उपयोग करें और मंडी को हर संभव तरीके से खाली रखने का प्रयास करें।
रिजर्व बैंक आफ इंडिया की ओर से 12 हजार करोड़ रुपये का अनाज गायब होने पर भुगतान रोके जाने की मीडिया रिपोर्ट पर पन्नू ने स्पष्ट किया कि यह मामला खातों में तकनीकी विरोधाभास के चलते पिछले कई साल से चला आ रहा है। इसमें राज्य को आरबीआई से मिलने वाले ऋण के ब्याज व फिर केंद्र सरकार की ओर से किए जाने वाले ब्याज के भुगतान में अंतर, अनाज की ढोह ढुलाई, मजदूरी आदि के राज्य व केंद्र के शुल्क में अंतर आदि का मसला शामिल है जिसे एक सप्ताह के भीतर ही सुलझा लिया जाएगा। दूसरी ओर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के निदेशक शिव दुलार सिंह ढिल्लों ने बताया कि ट्रांसपोर्ट व लेबर आदि के टेंडर सभी जगह हो चुके हैं।