पटियाला। शहर भर से वर्तमान में रोज करीब 140 टन कचरा पैदा हो रहा है। भविष्य में कचरे की मात्रा को कम करने के लिए नगर निगम ने एक फैसला लिया है। इसके तहत निगम की ज्वाइंट कमिश्नर जीवनजोत कौर ने निगम के सेनेटरी इंस्पेक्टरों के साथ बैठक कर कहा कि किसी भी सेमी अंडर ग्राउंड बिन में अब से पेड़-पौधों का कचरा (पत्ते, टहनियां आदि) नहीं गिराया जाएगा।
इसके साथ ही घर-घर से कचरा इकट्ठा करने वाली कंपनी को भी निर्देश जारी किए गए हैं कि उनके कर्मचारी भी पेड़ पौधों का कचरा अन्य कचरे के साथ न उठाएं। इसकी जगह कंपनी के कर्मचारी हफ्ते में किसी एक दिन को तय कर घर-घर से पेड़-पौधों का कचरा उठा सकते हैं।
इस कचरे को आगे मैटीरियल रिकवरी सेंटर तक पहुंचाया जाए, ताकि इससे खाद तैयार की जा सके। इसके अलावा शहर से निकलने वाले कचरे की मात्रा को कम करने के लिए सभी रेस्तरां, होटलों, मैरिज पैलेसों, ढाबों व हास्टलों आदि को भी निर्देश जारी किए हैं कि कचरे को नगर निगम के डस्टबिनों में न गिराया जाए। वह अपने स्तर पर कचरे की खुद संभाल करें, जिसके तहत गीले कचरे को कंपोस्ट पिट में गिराया जाए।
निगम के कंपोस्ट पिट का कर सकते हैं इस्तेमाल
ज्वाइंट कमिश्नर ने बताया कि जो भी संस्थान अपने स्तर पर कंपोस्ट पिट नहीं बना सकते हैं, वह निगम के मैटीरियल रिकवरी सेंटरों पर बने कंपोस्ट पिट का इस्तेमाल कर सकते हैं। उन्होंने सभी सेनेटरी इंस्पेक्टरों को यह भी निर्देश दिए कि वह अपने-अपने इलाकों में यकीनी बनाएं कि ज्यादा मात्रा में कचरा पैदा कर रहे होटल, रेस्तरां या फिर अन्य संस्थान कचरे को कंपोस्ट पिट के अलावा किसी अन्य जगह पर न गिराएं।
इसके साथ ही डेयरी संचालक अपने पशुओं के गोबर का निपटारा अपने स्तर पर करें। इस दौरान साफ शब्दों में चेतावनी दी गई कि जो भी निगम द्वारा कचरे के निस्तारण संबंधी तय नियमों का पालन नहीं करेगा, उसका चालान किया जाएगा।